आर्य समाज के आचार्य सदा सत्य वचन बोलते हैं। आप जैसे विद्वान के प्रवचन सुनकर दिल खुशी से भर जाता है। मैं हमेशा आपकी ज्ञान भरी बातें सुनती हूं और मुझे काफी ज्ञान होता है। आपको साधुवाद और धन्यवाद। 🙏🚩🚩🕉️🕉️
Achrya ji main Sonipat arya Gurukul me padha 5 daal bahut miss Karta hun aapse puchna tha k shadi ho gayi hai Meri kya main Janeu dharan kar sakta hun kya
मान्यवर, सादर शत शत नमन!आप इस वीडियो में उच्चारित बड़े संस्कृत मत्रों का हिंदी में अर्थ व बोलने का तात्पर्य भी बता देते तो और भी अच्छा रहता न !इससे सन्ध्या करने का उद्देश्य समझ में आ जाता!व यह पता चलता कि यह किन को सम्बोधन करने हेतु बोले जा रहे हैं।यह एक रहस्य जैसाही रहा।क्योंकि आज का आदमी विदेशी शिक्षा पद्धति जो कि भारत आजादी के 75 वर्ष व्यतीत हो गए,पर आज भी सरकारी विद्यालयों में उसे अपनाए हुए है।जिनमें इन चीजों को कोई स्थान नहीं है।अतः कोई भी व्यक्ति एकदम से किसी चीज का अंधानुक रण नहीं करता,बल्कि वह इस बारे में सारे रहस्य जानकर अच्छी तरह सोच-विचार करअपने हित की बात को प्राथ मिक ता देते हुए अपनाता है कि इनसे मुझे लाभ क्या होगा!अथवा इससे समस्त जगत का क्या कल्याण हो सकता है!कुछ न कुछ होना चाहिए नहीं तो मैं क्यों करूं!क्योंकि मनुष्य स्वार्थी है।कृपया नेक्स्ट वीडियो में इसे स्पष्ट करें।आभार!सादर-
आचार्य जी को योगेश का बारंबार प्रणाम आपकी संध्या वंदन बहुत अच्छा लगा वैदिक संध्या संध्या वंदना कराते रहे इस प्रकार संध्या गांव गांव आओ तो प्रचार करेंगे धर्म की जड़ हरि रहे संध्या वंदन बहुत अच्छा लगा गुरुदेव को प्रणाम
आचार्य योगेश जी दिया दिव्य उपदेश। पंचयज्ञा घर घर करे संध्या यज्ञ विशेष। राष्ट्र पुरोहित आशु कवि रोहन आनंद वैद्य आर्ष गुरुकुल खानपुर महेंद्र गढ़ हरियाणा।
Aacharya Ji Main aapko s*** s*** Naman Pranam karta hun aapki is desh ko bahut sakht jarurat hai Jyada Se Jyada aap prachar Karen Sanatan Dharm ka Kyunki bahut Sare Aise Panth Hain Jo Sanatan ka Sahi tarike se prachar n Karke Apne Apne pad Apne Apne Puja ka Karya kar rahe hain Khud Ko hi Ishwar Bata rahe hain Mera aapse Anurodh hai ki aap Jyada Se Jyada Samay Is Desh Ke Samaj Ko sudharne ke liye Karen
जय हिन्द वन्देमातरम जय श्री राम जय जय श्री राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे राधे राधे जय-जय जयहिंद जय-जयकार जय श्री राम सीताराम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः ऊं नमः शिवाय नमः नमंदेहर हर हर महादेव नमः नमंदेहर हर हर महादेव गंगा मां सरस्वती माता की जय हो जय तिरुपति बालाजी की जय हो श्री गुरू देव जी के चरणों में प्रणाम करता हूं जयमाताकीजयगुरूवर कि जय हो श्री राम सीताराम ऊं नमो नमः जय श्री राधे कृष्णा
आचार्य जी, अब हिन्दू जागने लगा है अपने अस्तित्व की रक्षा क्यों करनी है। यही नहीं अब तो कुछ मुस्लिमों को भी ईश्वर ने सद्बुद्धि दे दी है और वे एक्स मुस्लिम होकर इस्लाम की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आवश्यकता है उनको सच्चे धर्म का ज्ञान कराने की। आपकी मेहनत निरन्तर रंग ला रही है। हार्दिक शुभकामनाएं
आचार्य जी अपने बहुत अच्छे से संध्या वंदना करने की विधी संझाइ। आपके द्वारा बनाया यह वैदिक प्रचार चनेल वैदिक संस्कृति के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य करेगा। 🙏🙏🙏🙏
गुरुदेव मैं राजस्थान से आपको बहुत-बहुत ढेर सारी शुभकामनाएंमगर कहने का नाम तो हिंदुस्तान ह आज हिंदुओं की हालतपाकिस्तान में हिंदू जी रहे हैं वही हालत आज हिंदुस्तान में जीना पड़ रहा है वह दिन दिन हिंदू मारे जा रहे हैं हिंदुओं को काटे जा रहे हैं अलग-अलग बांट दिया सरकारों ने डंडा चलाया राज किया और फूट डाली आपस में लड़ आया औ हिंदू सतगुरु देव आप जैसे गुरु आगे बढ़कर थोड़ा बहुत एक साथ में बैठा दें हो सकता हिंदुओं के लिए यह हिंदुस्तान श्मशान घाट बन चुका है हिंदुओं के हिंदुस्तान के अंदर इन नदियों को कैसे नौकरी दे दियातो कहने का तो नाम हिंदुस्तान है असल में यह इस्लामिक देसी होगा और आज ही है
सुन लेने और चिंतन से कुछ नहीं होने वाला है। आज हम सनतनी ओनली यूट्यूब और व्हाट्सएप पोस्ट देख लेते हैं और फॉरवर्ड करते हैं। हम अपने से सुरू करनी होगी। प्रणाम
शास्त्रों के अनुशासन को मानना सब जन के निश्चित कर्तव्य है। गायत्री मंत्र को सस्वर उच्चारण करने को निषेध किया है। यहां यदि, किन्तु, परन्तु के स्थान नहीं है। वेद केवल मात्र शब्द संग्रह नहीं है आणविक, शाब्दिक विज्ञान है जो पंचभुतौं पर क्रिया करता है। शास्त्रों के अवमानना से धर्म च्यूत् हो रहें है। आपके प्रयास प्रशंसनीय है। प्रणाम।🚩🚩🚩
आचार्य जी प्रणाम ।आपके विचार सुनें । बहुत अच्छा लगा ।आपकी भाषा बहुत सरल,सुन्दर , मधुर और स्पष्ट है ।आपने भिन्न भिन्न धर्मों में प्रचलित बुराइयों को बहुत सुन्दर ढंग से बताया है ।
समय के साथ कर्म काण्ड की प्रासंगिकता पर विचार करना चाहिए। वेदों में कर्म काण्ड दिये गये हैं जो तत्समय धारण योग्य थे बाद में धीरे धीरे चलन से बाहर हो गए व अपन यहां है। वेदांत दर्शन सारांश में परमात्मा को समझने का पर्याय बना मगर उनके लिए जो मोक्ष के लिए प्रयासरत है या जो 3,4 आश्रम में हैं व इसमें जाना चाहते हैं बाकी तो सभी कालांतर में समयपरक के धर्मावलंबी ही है। सभी संसार से विरक्ति कर ब्रह्म को प्राप्त नहीं हो सकते। जो ब्रह्म का ज्ञान बांट रहे हैं वो साक्षात्कार क्यों नहीं कराते सिर्फ अपने ब्रांड का महज ठप्पा लगाते हैं।
गुरु जी हम अपने सभी कर्मों को भुला चुके हैं, मेरी आयु 53वर्ष है पर जिस तरह आप जी ने जो नित्य कर्म विधी बतलाई ऐसे तो ना तो हमें हमारे बुजुर्गो ने हमें बताया और ना हम जानते तो हम भी कैसे अपने बच्चों को बताएंगे जाहिर है और सच है कि सनातनी हिंदू अपने कर्म को भूल चुका है और बहुत बड़ी संख्या में हम अज्ञानता के शिकार हो चुके हैं गुरु जी अब समय रहते इन अज्ञानी हिन्दूओं को नहीं जगाया और चेताया गया तो इनका विनाश मैं तो निश्चित ही समझ रहा हूं कृपया कोई ऐसा प्लान बनाया जाए जिससे इन्हें बचाया जा सके भले थोड़ा समय लग जाए
आचार्य जी नमस्कार। आप अनमोल जानकारी दे रहे हैं। समाज पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा। मैं पूर्व सैनिक हूँ हमने आतंकवादियों की सेवा बहुत की। 1999 में कारगिल युध्द में भी शामिल रहा पाकिस्तानियों की सेवा भी ढंग से की। जय श्री राम🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
आचार्य जी के बोलने से ही उनके ज्ञान के बारे में पता चलता है।इतना ज्ञान अर्पण केवल चैतन्य ब्रह्मचर्य और कठिनतम स्वाध्याय से ही संभव है। आचार्य योगेश जी को दण्डवत प्रणाम।🙏🏻
आचार्य जी को मेरे तरफ से बारंबार प्रणाम, इस विषय को लागातार प्रचार करने का सतत् प्रयास करने की आवश्यकता है, सुबह का भुला शाम को घर आने के बाद, भुला नहीं कहा जाता है! हमारे हिन्दू धर्म समाज के माननेवाले पुनः सनातन धर्म संस्कृति पद्धति को जल्द अंगीकार करेंगे!
Aaj yah bahut jaruri hai. Lekin hum dilse sandhya nahi karate. Thanks namaskar all hinfu. Brahmians must watch and follow adopt this in daily worships. Siddheshwar deshpande
आचार्य जी, आप का विना दुराग्रह, वास्तविक परिस्थिति का वर्णन तथा इतनी स्पष्टता के साथ संध्या करना सिखाना - सच में बहुत अच्छा लगा।मुझे मेरी त्रुटियाँ भी समझ में आयीं। धन्यवाद!
आचार्य जी को शत शत नमन सनातन के लिए इनका यह प्रचार-प्रसार अत्यंत सराहनीय है और यह करते ही रहे जिससे कुछ तो कम से कम इसमें लग जाएं आचार्य श्री को पुणे सादर प्रणाम
आप बहुत ज्ञान वर्धक बातबता रहे हैं। और आज कल हमारे देशमेँ कुछ चालाक लोमड़ी जैसी चालाकी करने वाले लोग बक्ता हैँ जोलोगोँ को अँध भक्त हैँ औरअज्ञानी लोग उत्तर देने से कम बुद्धि वाले हैँ।। हम कहते हैं हमारे शक्ति सम्पन्न लोग कह सकते हैं। कामाँधोँ को जरा देखो जो हूर हूर जपते जपते मरे जा रहे हैं।।।।।
जय जय श्री राधे , आचार्य जी के चरणार्विदों बाल-संसार नमस्कार । उन समस्त सनातनी भाईयों से मेरी पुरज़ोर गुजारिश है जो इस गुरुकुल के नजदीक रहते है सुबह श्याम गुरुकुल में संध्या वंदन सीखने जायें और जो बच्चे 5 साल से ज्यादा उम्र के है उन्हें गुरुकुल में दाखिल करावाने का कष्ट करें । धन्यवाद । जय भारत माता की । जय सनातन धर्म की ।
Satya snatan ki jai ho aacharay gi
Mere jivan ki sabse Gyanvardhak vidio sir mere jivan badal gya Jay Arya vart
बहुत अछा धन्यवाद नमस्ते जी
बहुत सुन्दर कार्य कर रहे हैं और महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं ।
आपको सादर नमन ।
You should be our prime Minister
आर्य समाज के आचार्य सदा सत्य वचन बोलते हैं। आप जैसे विद्वान के प्रवचन सुनकर दिल खुशी से भर जाता है। मैं हमेशा आपकी ज्ञान भरी बातें सुनती हूं और मुझे काफी ज्ञान होता है। आपको साधुवाद और धन्यवाद। 🙏🚩🚩🕉️🕉️
Achrya ji main Sonipat arya Gurukul me padha 5 daal bahut miss Karta hun aapse puchna tha k shadi ho gayi hai Meri kya main Janeu dharan kar sakta hun kya
Bilkul kar sakte hai aap janeu dharan
@@Rahuldahiya_ nope, pashytap karo pehle tum patit hogaye ho.
Kya 67 ki umar ke baad main Bina diksa ke gaytri mantra ka jap kar sakte hain
Kripya vistrit marg darshan kare.
Dhanyavaad
@@vijaygupta9092 ji nahi gayatri mantra ki diksha lena hi uttam hai
मान्यवर,
सादर शत शत नमन!आप इस वीडियो में उच्चारित बड़े संस्कृत मत्रों का हिंदी में अर्थ व बोलने का तात्पर्य भी बता देते तो और भी अच्छा रहता न !इससे सन्ध्या करने का उद्देश्य समझ में आ जाता!व यह पता चलता कि यह किन को सम्बोधन करने हेतु बोले जा रहे हैं।यह एक रहस्य जैसाही रहा।क्योंकि आज का आदमी विदेशी शिक्षा पद्धति जो कि भारत आजादी के 75 वर्ष व्यतीत हो गए,पर आज भी सरकारी विद्यालयों में उसे अपनाए हुए है।जिनमें इन चीजों को कोई स्थान नहीं है।अतः कोई भी व्यक्ति एकदम से किसी चीज का अंधानुक रण नहीं करता,बल्कि वह इस बारे में सारे रहस्य जानकर अच्छी तरह सोच-विचार करअपने हित की बात को प्राथ मिक ता देते हुए अपनाता है कि इनसे मुझे लाभ क्या होगा!अथवा इससे समस्त जगत का क्या कल्याण हो सकता है!कुछ न कुछ होना चाहिए नहीं तो मैं क्यों करूं!क्योंकि मनुष्य स्वार्थी है।कृपया नेक्स्ट वीडियो में इसे स्पष्ट करें।आभार!सादर-
भारत में हिंदु धर्म शिक्षा लागू हो। बिना दीक्षा नाम जप व ध्यान के कल्याण संभव नहीं।
देख कर बहुत अच्छा लगा कि आज भी भारत मे पढ़े-लिखे लोग इक्के दुक्के यहा वहा वर्तमान है!
🙏🕉️ जयगोमावेदभारती, गोमाता राष्ट्रमाता बने 🇮🇳🚩🇮🇳
સરસ
आचार्य जी को योगेश का बारंबार प्रणाम आपकी संध्या वंदन बहुत अच्छा लगा वैदिक संध्या संध्या वंदना कराते रहे इस प्रकार संध्या गांव गांव आओ तो प्रचार करेंगे धर्म की जड़ हरि रहे संध्या वंदन बहुत अच्छा लगा गुरुदेव को प्रणाम
सादर नमस्ते आचार्य जी
प्रेरणादायक वीडियो
प्रमाण तथ्यों के साथ,
हमारा ज्ञान वर्धन करने के लिए
आभार आचार्य जी
🙏🙏🙏
सनातन संस्कृति गर्व होता हैं ❤
आचार्य योगेश जी दिया दिव्य उपदेश। पंचयज्ञा घर घर करे संध्या यज्ञ विशेष। राष्ट्र पुरोहित आशु कवि रोहन आनंद वैद्य आर्ष गुरुकुल खानपुर महेंद्र गढ़ हरियाणा।
विश्वमेँ उत्कृष्ट सँस्कृति -- सनातन सँस्कृति । जय गुरु ।।।
Esa laga mai satya yug mai ji raha ru itna shanti or shakti pehle kabhi nhi mila .mai aaj se hi shandhaya karunga
सादर नमन आचार्य जी । आप आर्य जगत के पथप्रदर्शक हैं । ।। जय आर्य जय आर्यावर्त ।।
उत्तम सन्देश है आपका आचार्यप्रवर ! सादर नमस्ते जी
अद्भ्युत, सरल जैसा (स सीता जी जैसी, र रामजी जैसा और ल लक्ष्मण जी जैसा) ,🙏🚩
कितने बॉमहण सॅध या करते
अपके हृदय में बिराजमान ईश्वर को और आपके पावन चरणों में शत-शत नमन
धन्यवाद गुरुजी आपने हमको अज्ञानता से बचा लिया नमस्कार
नमस्ते जी आप का बहुत बहुत आभार धन्यवाद
Saty sanatan... 🙏🙏 aapka bahut bahut dhanywad duruji itna sundar kabhi kisine nahi sajhaya... 🙏🙏
🎉❤
🙏 आचार्य चन्द्रेशजी आर्य , नमस्ते ।
जो बोले सो अभय वैदिक धर्म की जय।
Aacharya Ji Main aapko s*** s*** Naman Pranam karta hun aapki is desh ko bahut sakht jarurat hai Jyada Se Jyada aap prachar Karen Sanatan Dharm ka Kyunki bahut Sare Aise Panth Hain Jo Sanatan ka Sahi tarike se prachar n Karke Apne Apne pad Apne Apne Puja ka Karya kar rahe hain Khud Ko hi Ishwar Bata rahe hain Mera aapse Anurodh hai ki aap Jyada Se Jyada Samay Is Desh Ke Samaj Ko sudharne ke liye Karen
सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
Guru ji charnbadna aapne bahut hi badiya programme shuru Kiya hai bharat ko khaskar hindu samaj keliye ati awshyak tha bahut 2dhanyabad
जय हिन्द वन्देमातरम जय श्री राम जय जय श्री राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे राधे राधे जय-जय जयहिंद जय-जयकार जय श्री राम सीताराम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः ऊं नमः शिवाय नमः नमंदेहर हर हर महादेव नमः नमंदेहर हर हर महादेव गंगा मां सरस्वती माता की जय हो जय तिरुपति बालाजी की जय हो श्री गुरू देव जी के चरणों में प्रणाम करता हूं जयमाताकीजयगुरूवर कि जय हो श्री राम सीताराम ऊं नमो नमः जय श्री राधे कृष्णा
🙏🙏 गुरु जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद 🙏पुरा खोल दिया 🙏 बहुत बहुत धन्यवाद प्रणाम 🙏👍👍👌
Aacharya Ji Ne Bahut Achha Se Sanadhya Ke Liye Adbut Darshan Ka Video Diya.
यह सभी हिंदु भाई-बहीनोके लीसे सनातन बचानेके लिये,खुदको पहचानने लीय अनिवार्य है,गुरुजी को बहोत बहोत धन्यवाद,साधुवाद.
अच्छी जानकारी धन्यवाद आचार्य जी
आचार्य जी, अब हिन्दू जागने लगा है अपने अस्तित्व की रक्षा क्यों करनी है।
यही नहीं अब तो कुछ मुस्लिमों को भी ईश्वर ने सद्बुद्धि दे दी है और वे एक्स मुस्लिम होकर इस्लाम की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आवश्यकता है उनको सच्चे धर्म का ज्ञान कराने की।
आपकी मेहनत निरन्तर रंग ला रही है। हार्दिक शुभकामनाएं
प्रणाम आचार्य जी, आपने नये पीडी को अच्छी जानकारी दी /🙏🙏🙏
आए से विद्वान आचार्य जी को सादर प्रणाम 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
गुरुदेव आपके चरण कमलों में सिर टेक कर मेरा मेरा कोटि-कोटि प्रणाम
आचार्य जी अपने बहुत अच्छे से संध्या वंदना करने की विधी संझाइ। आपके द्वारा बनाया यह वैदिक प्रचार चनेल वैदिक संस्कृति के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य करेगा। 🙏🙏🙏🙏
अगर यही sashwat कर्त्तव्य हैं तब इसे स्वयं अपने जीवन में, परिवार में, समाज, प्रांत एवं राष्ट्र में लागू किया जाएगा ,
प्रेम, विनम्रता एवं धैर्य पूर्वक।
Jay hindu rastra jay hind vandemaataram🕉️ Jay shree rama
बहुत महत्वपूर्ण जानकारी दी है 😃
बहुत अच्छा जान दे रहे हैं योगेश भारद्वाज आचार्य जी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद
गुरुदेव मैं राजस्थान से आपको बहुत-बहुत ढेर सारी शुभकामनाएंमगर कहने का नाम तो हिंदुस्तान ह आज हिंदुओं की हालतपाकिस्तान में हिंदू जी रहे हैं वही हालत आज हिंदुस्तान में जीना पड़ रहा है वह दिन दिन हिंदू मारे जा रहे हैं हिंदुओं को काटे जा रहे हैं अलग-अलग बांट दिया सरकारों ने डंडा चलाया राज किया और फूट डाली आपस में लड़ आया औ हिंदू सतगुरु देव आप जैसे गुरु आगे बढ़कर थोड़ा बहुत एक साथ में बैठा दें हो सकता हिंदुओं के लिए यह हिंदुस्तान श्मशान घाट बन चुका है हिंदुओं के हिंदुस्तान के अंदर इन नदियों को कैसे नौकरी दे दियातो कहने का तो नाम हिंदुस्तान है असल में यह इस्लामिक देसी होगा और आज ही है
सादर प्रणाम...गुरुजी
Godara ji raatri k baad savera hai. Aap khud kijiye aur logo ko bhi karwaieye
बहुत ही अच्छा बताया है आपने आचार्य जी
इस विडियो को प्रत्येक भारतीय को देखना चाहिए । प्रत्येक भारतीय को सुनना चाहिए और चिंतन करना चाहिए। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻
सुन लेने और चिंतन से कुछ नहीं होने वाला है। आज हम सनतनी ओनली यूट्यूब और व्हाट्सएप पोस्ट देख लेते हैं और फॉरवर्ड करते हैं। हम अपने से सुरू करनी होगी। प्रणाम
Yes@@PujaPath_vidhi
आप युगो युगो तक अमर रहे हमारे स्तर सनातन धर्म के लिए ऐसे ही जानकारियां देते रहे आचार्य जी आपकी बहुत महान कृपा होगी और होती रहेगी हमेशा हमेशा के लिए
आचार्य जी सादर नमस्ते
वेदिक सन्ध्या ब्रह्म यज्ञ अति व्श्रेष्ठ है
2:01 2:02
बहुत ज्यादा अच्छा लगा मित्र कोई अपने जैसा मिला आज❤❤❤❤❤😊😊😊😊😊
SIR.JI.RAM.RAM. SUPER
GAN.GAN YOU. THANKS JAY.HIND 👌👍🌹🙏🏻🇮🇳
बिल्कुल सत्य है, आचार्य जी ❗🙏💐
आप की संध्या ही 20मिनट से ज्यादा हो गई तो नए लोग तो फिर,?
लेकिन अच्छी बात है संध्या करना।
प्रणाम
शास्त्रों के अनुशासन को मानना सब जन के निश्चित कर्तव्य है। गायत्री मंत्र को सस्वर उच्चारण करने को निषेध किया है। यहां यदि, किन्तु, परन्तु के स्थान नहीं है।
वेद केवल मात्र शब्द संग्रह नहीं है आणविक, शाब्दिक विज्ञान है जो पंचभुतौं पर क्रिया करता है। शास्त्रों के अवमानना से धर्म च्यूत् हो रहें है।
आपके प्रयास प्रशंसनीय है। प्रणाम।🚩🚩🚩
सनातन धर्म और संस्कृति की हर संभव रक्षा हो
आचार्य जी प्रणाम ।आपके विचार सुनें । बहुत अच्छा लगा ।आपकी भाषा बहुत सरल,सुन्दर , मधुर और स्पष्ट है ।आपने भिन्न भिन्न धर्मों में प्रचलित बुराइयों को बहुत सुन्दर ढंग से बताया है ।
श्री आचार्य जी भरद्वाज जी को श्री आचार्य जी भरद्वाज जी को कोटि-कोटि नमन जय जय श्री राम भारत माता की
अब पांच का महत्व जाना,पाया विश्व में भारतीय संस्कृति पंच यज्ञ ही विभिन्न होकर भी भारत का ही उपादान है ।
1😂die
❤😂😂😂😂😂❤❤❤😂❤❤❤😂😂❤❤😂
Sadar pranam radhe radhe guruji 🙏🙏
बहुत ही सुन्दर जय जय श्री राम
प्रणाम गुरु जी,, बहुत ही सरलता से सन्ध्या काल का महत्व और विधा बताया है आपको प्रणाम करते हैं 🙏🙏🙏🙏🙏
Bahut valuable but Brahmins are not following bad luck
Yogesh Bhai Pranam aapko
धंयवाद आचार्य जी हमने आप का पुरा वीडियो सुना बहुत सुंदर 🌹👏
आचार्य जी बहुत बहुत साधुवाद आपने सनातनियो के सही मार्ग दर्शन किया है।जय श्री सीता राम
बहुत ही अच्छा,अपने सनातन को जागृत करने का काम किये है,प्रणाम
We fully support yati ji jitender tyagi ji, काली चरण महाराज जी
जो उपर वाला कहता है इसका अर्थ है कि उसके अन्दर अभी भी डर या गुलामी है वह इस डर को कह नही पाता
समय के साथ कर्म काण्ड की प्रासंगिकता पर विचार करना चाहिए। वेदों में कर्म काण्ड दिये गये हैं जो तत्समय धारण योग्य थे बाद में धीरे धीरे चलन से बाहर हो गए व अपन यहां है। वेदांत दर्शन सारांश में परमात्मा को समझने का पर्याय बना मगर उनके लिए जो मोक्ष के लिए प्रयासरत है या जो 3,4 आश्रम में हैं व इसमें जाना चाहते हैं बाकी तो सभी कालांतर में समयपरक के धर्मावलंबी ही है। सभी संसार से विरक्ति कर ब्रह्म को प्राप्त नहीं हो सकते। जो ब्रह्म का ज्ञान बांट रहे हैं वो साक्षात्कार क्यों नहीं कराते सिर्फ अपने ब्रांड का महज ठप्पा लगाते हैं।
गुरु जी हम अपने सभी कर्मों को भुला चुके हैं, मेरी आयु 53वर्ष है पर जिस तरह आप जी ने जो नित्य कर्म विधी बतलाई ऐसे तो ना तो हमें हमारे बुजुर्गो ने हमें बताया और ना हम जानते तो हम भी कैसे अपने बच्चों को बताएंगे जाहिर है और सच है कि सनातनी हिंदू अपने कर्म को भूल चुका है और बहुत बड़ी संख्या में हम अज्ञानता के शिकार हो चुके हैं गुरु जी अब समय रहते इन अज्ञानी हिन्दूओं को नहीं जगाया और चेताया गया तो इनका विनाश मैं तो निश्चित ही समझ रहा हूं कृपया कोई ऐसा प्लान बनाया जाए जिससे इन्हें बचाया जा सके भले थोड़ा समय लग जाए
धन्यवाद सनातन प्रहरी के रूप में। किंतु गीता में जप यज्ञ को ही श्रेष्ठ कहा है। बिना दीक्षा,जप और ध्यान के सब व्यर्थ है। सिर्फ कर्मकांड है।
Vishva mein sab log Vaidik Dharm ko apnay 🕉️🕉️🕉️👏👏👏
आचार्य जी नमस्कार। आप अनमोल जानकारी दे रहे हैं। समाज पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा। मैं पूर्व सैनिक हूँ हमने आतंकवादियों की सेवा बहुत की। 1999 में कारगिल युध्द में भी शामिल रहा पाकिस्तानियों की सेवा भी ढंग से की। जय श्री राम🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
प्रणाम गुरु जी आपने अज्ञानता दूर कर दी।
आदरणीय आचार्य जी को सत सत
प्रणाम || हिन्दू धर्म सर्ब श्रेष्ठ है ||
🌹🌹🌹🌹🌹
ॐ अहोभाव गुरूमहाशक्ति, बहुत खूब, उपासना की तैयारी ही समझे, सत्य सनातन पद्धति, ह्रदय आंनद व शांति से भर गया, हरि ॐ तत सत
आप नहीं होते तो हम सब भी गुलाम ही रहते और कभी अपने अस्तित्व को नहीं पहचान कि हम कौन हैं।
ऊं कृण्वन्तो विश्वमार्यम
Satya Sanatan Vaidik Dharm ki Jay🚩🚩🔥🔥🕉🕉🙏
आचार्य जी को शत शत नमन बहुत बहुत धन्यावाद प्रचार प्रसार के लिए बहुत धन्यवाद Bhoopendra Singh Ary
आचार्य श्री, प्रणाम। बिखरे हुए, फैले हुए ज्ञान को, आपने जिस प्रकार एकत्र कर, प्रकाशित किया; अत्यन्त महत्वपूर्ण था, पुनः धन्यवाद और 🙏।
Jay gurudev
Jay Shree Ram Guruji ❤🙏❤🙏
आचार्य जी साधुवाद।हर सनातनी के लिए अत्यंत ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण जानकारी।
હર હર મહાદેવ જય શ્રી મહાકાલ
પ્રણામ ગુરુદેવ
जय श्री राम
जय हिंदू राष्टृ भारत
आचार्य जी नमस्ते बहुत सुन्दर जो सन्ध्या नहीं करता वह व्यक्ति पापी है
आचार्य जी के बोलने से ही उनके ज्ञान के बारे में पता चलता है।इतना ज्ञान अर्पण केवल चैतन्य ब्रह्मचर्य और कठिनतम स्वाध्याय से ही संभव है।
आचार्य योगेश जी को दण्डवत प्रणाम।🙏🏻
ગુરુજી આપના શ્રી મુખ થી શુદ્ધ ઉચ્ચારો સાથે મંત્રો સાંભળી ને અતિ આનંદ થયો આપના ચરણોમાં કોટી કોટી વંદન
आचार्य जी को मेरे तरफ से बारंबार प्रणाम, इस विषय को लागातार प्रचार करने का सतत् प्रयास करने की आवश्यकता है, सुबह का भुला शाम को घर आने के बाद, भुला नहीं कहा जाता है! हमारे हिन्दू धर्म समाज के माननेवाले पुनः सनातन धर्म संस्कृति पद्धति को जल्द अंगीकार करेंगे!
Aaj yah bahut jaruri hai. Lekin hum dilse sandhya nahi karate. Thanks namaskar all hinfu. Brahmians must watch and follow adopt this in daily worships. Siddheshwar deshpande
Please follow all hindu..
Sate singh
🙏 आचार्य जी को पुनीत एवम श्रेष्ठ कार्य हेतु साधुवाद, धन्यवाद. चरणों स्पर्श.
आचार्य जी द्वारा प्रस्तुति अत्यन्त उत्तम विचारों से युक्त है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है
। आप को सादर नमन।🙏🙏
Aasariaji apka pervading but achhah hsukria very good for hinduthanks
@@moolaram1737 . Mn.
आचार्य जी, आप का विना दुराग्रह, वास्तविक परिस्थिति का वर्णन तथा इतनी स्पष्टता के साथ संध्या करना सिखाना - सच में बहुत अच्छा लगा।मुझे मेरी त्रुटियाँ भी समझ में आयीं। धन्यवाद!
आचार्य महोदय सादर सप्रेम नमस्ते 🙏🙏🙏
Achary Ji koti koti naman🕉️
ATI Sundar prastuti dhanyvad Om Om namaste Aacharya ji
अति उत्तम। आचार्य जी
आचार्य जी को शत शत नमन सनातन के लिए इनका यह प्रचार-प्रसार अत्यंत सराहनीय है और यह करते ही रहे जिससे कुछ तो कम से कम इसमें लग जाएं आचार्य श्री को पुणे सादर प्रणाम
Jai Jai shri Radhey Radhey krishna 🕉💛💖💙❤🕉💛💖💙❤🕉💛💖💙❤🕉
Shri Guru Dev Bhgvan ke Charno me koti koti parnam jài Shri Ram Sita ji Radhe Radhe Radhe Radhe Krishna ji 🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️
आप बहुत ज्ञान वर्धक बातबता रहे हैं। और आज कल हमारे देशमेँ कुछ चालाक लोमड़ी जैसी चालाकी करने वाले लोग बक्ता हैँ जोलोगोँ को अँध भक्त हैँ औरअज्ञानी लोग उत्तर देने से कम बुद्धि वाले हैँ।। हम कहते हैं हमारे शक्ति सम्पन्न लोग कह सकते हैं। कामाँधोँ को जरा देखो जो हूर हूर जपते जपते मरे जा रहे हैं।।।।।
सत्य सनातन धर्म की जय हो🚩🚩🚩
आज की संध्या आप के निर्देशन में आपके साथ।
हार्दिक धन्यवाद, सादर नमस्ते
आचार्य! बहुत बहुत धन्यवाद,
आचार्य जी बहुत सुन्दर अति सुन्दर आप जी कोटि कोटि धन्यवाद!
आचार्य योगेश जी संध्या वंदन के सम्यक, सुरुचिपूर्ण निरुपण हेतु अभिनंदन!
नमस्ते भ्राता जी 🙏
जय जय श्री राधे ,
आचार्य जी के चरणार्विदों बाल-संसार नमस्कार ।
उन समस्त सनातनी भाईयों से मेरी पुरज़ोर गुजारिश है जो इस गुरुकुल के नजदीक रहते है सुबह श्याम गुरुकुल में संध्या वंदन सीखने जायें और जो बच्चे 5 साल से ज्यादा उम्र के है उन्हें गुरुकुल में दाखिल करावाने का कष्ट करें ।
धन्यवाद ।
जय भारत माता की ।
जय सनातन धर्म की ।
Om
आचार्य जी🙏🙏 सादर प्रणाम, उत्तम सुझाव व जानकारी देते हुए हम सभी को आप द्वारा बहुत ही उपयोगी ज्ञान दिया गया है l 🙏🙏आपका बहुत बहुत अभिनंदन l
💕💕
विदवान जन को शत शत नमस्कार
@@ratnadeojha1739
Guru ji kya Sandhya shudr bhi kar sakte hai?
@@smagamsanskriti6670 sabhi
Namaskar pandutji.
कृपया इन सबका मतलव और उपयोगिता बनाने का कष्ट करे।
बहुत सुंदर आचार्य जी🙏