अब दुसरे कवीकी कवीता पढलो तो कुस ओर बोलेगा लेकीन रुषी व्यास की महा भारत पढलो तो पता चलेगा की अर्जुन ही सर्वश्रेष्ठ धनोरधर था ओर करण महा दानवीर था कयु के अपने साधारण बाणो से युद्ध जीते उसे सर्वश्रेष्ठ धनोरधर कहेते है नाकी दीवयास्रो से ओर ये योग्यता अर्जुन ओर अभीमन्यु मेथी करण मे नही
@@wbvvg कर्ण एक श्रापित जीवन जी रहा था। जो उसके गुरु के द्वारा दिया गया था, मां ने अर्जुन के लिए जीवन तो मांग लिया, इंद्र ने कवच मांग लिया तो उसके पास कुछ ऐसा दिव्य शक्ति भी नही था। लेकिन जब वह रण में गया तो उसके एक बाण के प्रहार को कृष्ण ने सारथि के रूप अर्जून के लिए रोका छल तो कर्ण के साथ हुआ था
दानवीर सची बात है बाकी बेकारकी बाते है जो कवी लोगोने अपने ढंग से बनायी है सर्वश्रेष्ठ धनोरधर उसे कहेते है जो अपने साधारण बाणो से युद्ध जीते ओर ये योग्यता अर्जुन ओर अभीमन्यु मेथी करणमें नही रुषी व्यास की महा भारत मे यही लीखाहै
@@tejsharma9708 karn neech tha ki wo guru dronacharya aur wo jo siksha diya uske badle shrap diya wo nich the ,sirf jati ke nam pe Gyan ko prapt karna kaise dharmik ho sakta hai .
@@This_is_AJ07 achha pahle siksha lene gya tha ki sabha me aaya tha kya reason dete ho yar . karna kya kiya tha usse bat hi nhi hai bat hai system se system kya tha .
@@dharmendrakrpatel8297 teacher ki marji hoti hai vow kisko padhye.... Or karm ko choti jati ka nahi tha ...vow yodha ki jati sey belong karta hai ..orginal Mahabharata to padh lo..... Tv serial ki bakchodi sey pagal ho jate choti jaat wale
@@raghvendersingh2760 wo teacher ki marji nhi thi wo niyam tha ki varn shankar arthat jo sudra hai unke siksha nhi dena hai ,wo bhale hi kunti putra tha pr wo unke pati ki wajah se paida nhi hua tha mtlb wo najayaj tha Hindi bhasa me isliye wo Aarya nhi hua itna faltu to system tha 😂😂😂usko kya padhna .aur chhoti jati kya hoti hai tujhe kaun bataya kaun chhoti jati hai aur kaun badi wo jo system hai use bata rha hu. ki kitni jatiy aur injustice tha phir bhi chutiye usko bhagwan manate hai .
Arjun ke guru ke guru se शिक्षा लियी थि उसने उसे कोई कैसे हरा सखता कोई भी jisake pas Vijay धण्युष्य ho Uspar kaise koi Vijay प्राप्त कर सखता था कोई भी जीसको हराणे स्वयंम भगवान को भी छल करना पडे ओ था सुर्यपुत्र कर्ण 🤙💯🔥🤞💪🚩🚩🚩🚩🚩🚩💥💥💥The king of Mahabharat Karn danveer karn 🚩🚩🚩🚩🚩💥 💥💥💥💥💥
@@ghanubhadu paap to krishan ne vi kiya tha 1 jaraasandh ko chal se marvaya 2 Guru dron ko chal se marvaya krishn ne hi guru dron se bola tha ki tumhara putra aswathama mara gya 3 karn jese mahan yoddha jb nihattha tha tb us pr prahaar krvaya
This is true but bro if your family not give u respect your own brother call you soot and your friend give you respect so you always be in your friend side not in that brothers side who always disrespect u
@Important Short ube jhatu k Bche Mahabharata pdke aa🤣pogo dekhke ni Karna k pita ji rath chlate th to Kshatriya kaise hue mtlb jhatu kuch b bolega rhi baat ldki apmaan kre to thik ldka kre to bura hi maante kis disrespect ki baat krra patni daav m hi ni lgate tere pandav to koi bolta hi nhi kuch or daan ki baat krra mahadaani tha Karna guru se jhoot bolna pda kyuki wo Kshatriya nhi tha book pdke aa phle phir comment kr serial k chode
@@nishatiwari6889 Ran bhumi mey chal kartey hai 🤣 Abey chal ka jawab chal hi hota h aur dushman ko uskey hi तरीके से जीता जाता है , हिंदू को yeah samaj nahi aaya tabhi tho Mughal raaj ker sakey aur angrej aur phir Cong , Thodi si bhi bhagwat Geeta padi hoti tho molana ki bhasha na bol rahey होते यहां 🤣🤣
जी इसमें कोई दो राय नही है की कर्ण एक महान योध्दा था 🙏 लेकिन इससे पता चलता है की आपके पास कितना भी शौर्य, पराक्रम क्यों न हो लेकिन अगर आपमें उचित पक्ष मे नही हो तो निश्चित ही आपकी पराजय तय है। दूसरी तरफ अर्जुन मे कम पराक्रम होते हुए भी गुरु और कृष्ण के प्रति अपार निष्ठा थी। इसलिए उनकी जीत हुई 🙏
Kaun kaha ki arjum me karn se kam parakram tha,,, jara mahabharat text me kerat parv open karo usme bhagwan shiv Arjun k parakram ki tulna swaym k bal se karte hue dikhenge..... Jiski tulna mahadev apne aap se krte hain kya usse sresth karn ho skta hai??? Serial me dekha hoga aapne..... Maaniye jo maanna hai apni apni shraddha hai,,, koi serial ko maanta hai koi ved vyas jii ki mahabharat text ko.....
@@iarj_004abhi4 Agar Arjun itna hi sheresth tha toh cheating se kyun mara karna ko??? Waise hi mar sakta tha. Agar ushne cheating se mara toh socho Karna Kitna bada parakrami tha Arjun se
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@asheeshmishra5392 Mishra ji apki jankari ke Liye hamesha shudra ya rakshas jati walk ke Sath hi Krishna anyway kare h Karn aur veer barbarik ko Dekho. Phir bhi Kami thi to Krishna ke Liye dharma ki parbhasha h Apni patni ko jua me lagane wale dharmaraj ho Jate h😡
गाथा सुनाता हूं उस वीर की शत्रु जिसके बाणों से कराहते थे, केवल कृष्ण की ना बात करो स्वयं शिव उसे सराहते थे। करूणा से भरा हृदय था जिसका न तनिक भी मन में स्वार्थ था, तीनो लोक में प्रशंसा पाने वाला मेरे माधव का वो पार्थ था रावण इंद्र थे पराजित जिनसे 3 करोड़ निवात कवचों पर अकेला ही वो भारी था, अरे शिव को अपने धनुष से खींचने वाला वो मेरा गांडीवधारी था। योद्धा तो थे श्रेष्ठ बहुत पर मैं क्यों अर्जुन अर्जुन गाता हूं, महाभारत के उस महासमर से चौदहवें दिन का वृतांत सुनाता हूं। अभिमन्यु की निर्मम हत्या से अर्जुन की भीषण हुंकार हुई, सूर्यास्त कल का नहीं देखेगा जयद्रथ गांडीव की भयंकर टंकार हुई। अर्जुन की प्रतिज्ञा से धरती उस दिन कांप गई, रणभूमि में होने वाले तांडव को कुरु सेना थी भांप गई। रूद्र तांडव जैसा उस दिन युद्ध बड़ा ही क्रूर था, श्रेष्ठ योद्धा होने का उस दिन कईयों का वहम भी दूर था। कौरव योद्धा लगे विचारने कैसा भयंकर क्षण होगा, जब अर्जुन उतरेगा रणभूमि में जीवन नहीं मरण होगा। अब सुनो कैसा भीषण रक्तपात हुआ अगले दिन जब शंखनाद हुआ, कुरुओं के भाग्य थे फूट पड़े अर्जुन और सात्यकी उन पर टूट पड़े घोर गर्जना करता अर्जुन भयभीत सृष्टि का खंड खंड था, कुरु योद्धाओं में हाहाकार मची थी वेग पार्थ का ऐसा प्रचंड था। धर्मराज की रक्षा हेतु सात्यकी को पड़ा वापस जाना था, पार्थ के उस रौद्र रूप से मुश्किल फिर भी जयद्रथ का बच पाना था। सभी व्यूह ध्वस्त होते जाते थे पंचतत्व भी जयगान अर्जुन का ही तो गाते थे, चक्रसप्तसूची व्यूह भी असफल से हो जाते हैं जब क्रुद्ध होकर नर नारायण युद्ध भूमि में आते हैं। जब दो प्रहर के युद्ध के कारण, अश्व नहीं चल पाए थे, तब सब्यसाची युद्ध करने उतर धरा पर आए थे। रथ विहीन पार्थ देखकर हर महारथी उससे लड़ने आया था, बिना रथ के भी उस दिन कोई ना पार्थ को जीत पाया था। सभी एक साथ मिलकर भी ना धनंजय को जीत पाए थे, यूं ही नहीं शांति सभा में परशुराम ने जयगान अर्जुन के गाए थे। रथविहीन होकर भी पार्थ सभी महारथियों पर भारी था, अरे गौर से सुन लो कथा ये बंधु कैसा मेरा गांडीवधारी था। अब आगे का वृतांत सुनाता हूं जब दुर्योधन पार्थ समक्ष आया था, गुरु द्रोण ने रक्षा हेतु ब्रह्म कवच पहनाया था। फिर अब अर्जुन अपने अग्रज से बोले व्यर्थ में ही आज प्राण अपने गंवाओगे, ये द्यूत नहीं है समरांगण है मेरे हाथों मारे जाओगे। ब्रह्म कवच जैसे संकट को भी जिष्णु ने फिर टाला था, अपने तीव्र बाणों से उसने खुद के अग्रज को बींध डाला था। फिर दुर्योधन संग अश्वत्थामा वृषसेन शल्य और भूरिश्रवा आए, पार्थ संग युद्ध करने हेतु कृपाचार्य और कर्ण को भी थे वो लाए। सभी मिलकर भी ना जीत सके फाल्गुन को फिर दुशासन और सिंधु राज जुड़े, पर गांडीव का प्रचंड वेग देखकर हर योद्धा के थे होश उड़े। सब ने मिलकर कुछ हद तक किया कृष्णार्जुन को घायल था, अरे समरांगण नहीं सृष्टि का कण-कण मेरे पार्थ का उस दिन कायल था। अंगराज को जब रथ विहीन किया तो अश्वत्थामा को आना पड़ा, परास्त होकर जिष्णु से अंगराज को अश्वत्थामा संग रणभूमि से जाना पड़ा। सूर्य ढलने को आया था पर पार्थ का शौर्य अभी भी जारी था, अरे 8 महारथी जिससे डरकर भागे जिससे वो मेरा गांडीवधारी था। अर्जुन गिराने लगे ज्यों शीश सिंधु राज का माधव बोले पार्थ तनिक विचार करो, व्यर्थ अपना बलिदान देकर ना पांडव सेना को लाचार करो। ज्यों धरा पर गिरा शीश सिंधुराज का अनर्थ प्रचंड हो जाएगा, वृद्धक्षत्र के वरदान के कारण तुम्हारा मस्तक खंड खंड हो जाएगा। तब विभत्सु ने क्रोध में आकर समस्त रण क्षेत्र को हिला दिया, और जयद्रथ का शीश उन्होंने पिता वृद्धक्षत्र की गोद में था गिरा दिया। अब पूछता हूं उन योद्धाओं से जिन्होंने खुद को पार्थ से श्रेष्ठ बताया था, क्यों अर्जुन के भय के कारण तुमने सिंधुराज को छुपाया था। अरे श्रेष्ठ होते तो जाकर सीधे पार्थ की छाती पर तन जाते तुम, योद्धाओं की भांति युद्ध को करते ना सिंधुराज को छुपाते तुम। अरे धर्म की खातिर लड़ा सदा ही ना श्रेष्ठ कभी खुद को बताता था, युद्ध कौशल को देख स्वयं इंद्र जिसके आगे नतमस्तक हो जाता था। हर धर्म परायण व्यक्ति जिसका सदा ही आभारी था, अरे योद्धाओं में सबसे उच्च वो मेरा गांडीवधारी था, वो मेरा गांडिवधारी था।
@@parmodbhola8811krishna ne nyay kiya tha Karn ne adharm ka sath diya tha ...vo apne us Mitra ko bcha rha tha Jo apne bhabhi ko nirvashtra krke apni jangha pr bithane ki.bat krta hai Karn bhi janta tha vo galat hai uska yahi anjam hoga Isi liye usne krishna se Mna Kiya tha ki yudishthir ko Mt btana ki n Mai uska bda bhai hu nhi to vo Sara rajpath mere charno mai rakh dega or mai apne Mitra duryodhan ko de dunga Besak karn Danvir tha lekin kitna bhi dan kro karmo ka fal milega Krishna hmesha dharm ke sath rhe hai
@@yadavsmajwadi2000 likhne se pehle thpda dhyan se read kro kya likha hain maine... Jab karan ne arjun ko challenge kiya tha tab sabne SOOT putra/ non religion ka bata kr fight nhi krne di thi and uske baad duryodhan ne usko apne anga desh ka raja banaya tha.. Tab usko Duryodhan ka sath dene ki ksam khayi thii... To kripya dharan-adharm ka gyan na de hume
@@KuldeepSingh-ix3ku कसम निभाने का ये मतलब नहीं कि आप किसी की जी हुजूरी करे करण विद्यावान था?? हा, तो उसे नहीं मालूम था कि सच्चा मित्र अपने मित्र के हित में कार्य करता है उसके भले की सलाह देता है ये नहीं की शक्ति के अभिमान में उसकी बुराई में भी साथ दे दूसरी बात आप लोग ये क्यों नहीं समझते हमारे सनातन धर्म में फूट डालने का प्रयास आदि अनंत काल से होता रहा है और आज भी ये चल रहा है.. कभी किसी मुस्लिम को किसी ईसाई को अपने धर्म के बारे में बुरा बोलते सुना??? जबकि मोहम्मद साहब की व्यक्तिगत जीवन शैली का पता करिए,, कही से भी वो सभ्य व्यक्ति नहीं मिलेंगे,, आपस में लड़ते रहो यही चाहते हैं कुछ लोग आज हिंदू के खिलाफ कितनी शाजिशे हो रही हैं ये किसी से नहीं छुपा है न्यूज के जरिए देख सुन सकते है हम सब फिर भी आपस में लड़ रहे हैं,, बाकी आप समझदार हैं 🙏🙏🙏
Han nayak arjun hai aur mahanayak shri krishna hai ...... Jo istri ka apmaan kare, jo saman aur rajya pane ke liya adharm ka sath de jo 16saal ke balak ko chal se mare wo mahanayak kese ho sakta hai.... Mana ki unke sath galat hua per nayak to wahi jo jiske sath galat hone per bhi wo kisi ke sath galat na kare nahi sath de aur nhi hone de....
@@anant879 agar bade hone ka matlab bura banane hai apna matlab nikal kar use befkoof samajhna hai nich aur gire hue vichaar ko sahi samajh aur use per hamesha chalna then it's ok i am happy with thoughts even mai kisi matlab se kisi bhala nahi sochti aur koi mujhe bura bol raha to mai uski situation samjhti hun but i don't know bina mile apne mujhe ek comment padkar kese judge kar liye well I don't care mai woi comment karti hun jo mujhe sahi lagta hai
Once lord Krishna said अरे अर्जुन धर्म के संस्थापना के लिए हमने क्या कुछ नहीं किया परन्तु कलयुग में मनुष्य सबकुछ भूल जाएगा तुम्हें अधर्मी और मुझे छलिया बुलाएगा न पढ़ा होगा एक ग्रंथ भी लेकिन अपने आप को विद्वान बताएंगे किन्तु न तुम गाण्डीव न मैं सुदर्शन उठाऊंगा अरे पालनकर्ता हूं उसे अपमान को भी हंसते हंसते सह जाऊंगा Om Namo Vasudev Namah 🙏🙏
Bahut dukh hota he ..jab Prabhu Krishna ko koi samajta nhi Ese murkh logo ki bajah se hi Mahabharata huwa tha ..fark saaf he ye log aaj bhi Karn or duryodhan ka sath denge or hum Prabhu ka
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@atulshrivastava8390 युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
Arjun aur karn ek hi maa k pitra , ek jaise hi shurveer the. Lucky'aur unlucky hone ka fark hai. Karn ka Mitra duryodhana tha aur Arjun k saath Krishna the. Un k mitro ne hi unki kismat banai Jeet / haar
Kya baat hai dil ki baat shayari me keh diya hats off to you brother 🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡 kaarna was the great and the greatest warrior in the universe no one can't take his place in entire universe
@@__bhavyansh bhai aur tumhe kaun sa reason lagta hai bata do eklavya aur karn ko siksha ,kya us samay bhi jatiwad tha ,ya nhi ,kya sudro ko padhne ka adhikar tha ya phir women ko ,even women ko bhi padhne ka adhikar nhi tha .
एक डायमंड की कीमत हर कोई नहीं जान सकता उसे एक सुनार ही पहचान सकता है वैसे ही अर्जुन को हर कोई नहीं जान सकता उसे वही जान सकता है जिसने वास्तविक महाभारत पढ़ी हो अर्जुन का महत्व दर्शाने के लिए महाभारत का पहला श्लोक ही पर्याप्त है नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्। देवीं सरस्वतीं चैव ततो जयमुदीरयेत्।। अंतर्यामी नारायणरूप भगवान श्रीकृष्ण, उनके सखा नर रत्न अर्जुन, उनकी लीला प्रकट करने वाली देवी सरस्वती और उनके वक्ता भगवान व्यास को नमस्कार करके आसुरी संपत्तियों का नाश करके अंत:करण पर विजय प्राप्त कराने वाले महाभारत का पाठ करना चाहिए।
Beta karodo karan bhi aa jaye to arjun ka baal nhi ukhaad skte jab tak Krishna bhagwan saath khade hai arjun ke saath. Agar itni si baat us mand buddhi ke samajh aa jata to sayad bach jata.
@rak303 kyuki mental , usne kaam hi aise kiye the, usne duryodhan ke har chhal me uska saath diya, abhimanyu jo uska bhatija tha use bhi chhal se mara. Bhagwan jo jaisa kaam krta hai use waisa hi dand dete hai. Wahi krishna ram banke aaye the to maryada me lade the kuki tab chhal kapat itna nhi tha. Jo korav khud chhal krke pandavo se sara yash chheen ke le gye the unke saath to aisa hona hi tha. Yahi karam siddhant hai jo jaisa krega wo waisa bharega. Karn ne sab jante hue bhi ki duryodhan durachari hai, chhal kapati hai, apne hit ke liye uska saath diya, jbki wo yeh bhi janta tha ki arjun uska bhai hai fir bhi wo lada wahi dusri aur arjun karavo ko apna taya bhai smjh ke hathiyaar nhi utha pa rha tha, isliye Bhagwan Krishna ne dharam ka saath diya aur dharam hamesha jitta hai
@@xyzak1728 karan kaunsa adharm kar diya aur pandvo ne kaunsa dharm kar diya. Apni biwi ko dav pe lagane wala dharmraj ban gaya.. Wah wah kya baat hai. Arjun aur draupadi pandvo mein had se jyada ghamandi the.
@@xyzak1728 rahi baat krishna ki toh mujhe yeh bata ki krishna ne apni bua ki beti se shadi kaise kar li? Yeh toh bhai behen ka rishta ho gaya. Aur dusri baat shubadra ki shadi Arjun se kaise karwa di. Yeh bhi bhai behen ka rishta ho gaya.
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
ना सूत होना पाप है ना दान देना पाप था । मुस्कुरा के नग्न द्रौपदी को देख वैश्या कहना श्राप था । कौन सी दुहाई ले के आज तुम आए हो, मारा जब अभिमन्यु को अधर्मियों ने घेर कर उन अधर्मियों में कर्ण भी एक था। भागी था अब कुकर्म का जान कर भी की अधर्म है। अमर हुआ इसलिए क्युकी दान देना धर्म था।🙏❤️✨
Karna draupadi ko vaishya kehta tha kiu ki uske 5 pati the kya glt kehta tha tumhara 5 pati rhe 5 k saath sone jaogi toh sbse pehle tumhare pati hi tumhe rundi keh denge aur karna k baap ko pandav kutta bulaya krte the aur jis guru se ye kala kaushal seekha tha usne sba gyaan waps cheen liya tha ye bol kr ki tum brhaman nhi ho aur shrap diya frse ye jiske saath khada tha kbhi wo v Karna k saath khada hua tha aur karna se forever frndship ka wachan liya
दिनकर जी ने कर्ण की महिमा का अतिशयोक्ति पूर्ण वर्णन किया है निः संदेह कर्ण एक अच्छा योद्धा था लेकीन मेरा मानना है कि अर्जुन उससे श्रेष्ठ था दोनों के बीच 4 बार युद्ध हुआ जिसमें 3 बार अर्जुन जीता और एक बार कर्ण विराट युद्ध में तो श्री कृष्ण अर्जुन के साथ नहीं था फिर भी अर्जुन जीता था
"तु तो तेरे वचण से बंधा हुआ था" , "तु तो तेरे वचण से बंधा हुआ था" , घात तो खुद तिनो लोगो के भगवान ने किया था, नहि तो इनोमे क्या दम था. तुझे हरा सके ,क्योंकि खुद भगवान को भी पता था.तुझे हराणा इनके बस का कहा था . ❤️❤️🚩
Abe tumara chutiya kata hai ekta kapoor ne... Karn to adharmi tha , ahankari tha.. O to bhla arjun or madhav ka ki unhone use asali dharm batlaya or mrutyu di... Asali Mahayodha to Arjun tha Swayam baghvan shiv aye the dharati pr uske liye...
Ye ki karn ka kundal kawach dhokhe s chhin liya aur to aur arjun to ghmand m rhta tha fir v uska sath diya aise bhut s hai jo batne ko baithunga to din nikl jayega
@@mp66rider33 kavach kundal chhinne me shrikrishna ka ek takka bhi hath nhi tha aur unhone duryodhan aur arjun ko jo vachan diya tha ki use narayani sena denge aur arjun ka sarathi bnenge ye vachan nibhaya, aur kya kya hai?
Dharmo Rakshti Rakshit.. acha lga koi to h is kalyug mai jo dharm ka mtlv smjh raha hai . Nahi to sbhi karn ko dharmi or Krishan ko adhrmi bta rhe hai.. geeta pdhne se phle arjun ko prnaam kiya jata hai or log usi arjun ko adhrmi bta rhe hai
Arjun ke guru ke guru se शिक्षा लियी थि उसने उसे कोई कैसे हरा सखता कोई भी jisake pas Vijay धण्युष्य ho Uspar kaise koi Vijay प्राप्त कर सखता था कोई भी जीसको हराणे स्वयंम भगवान को भी छल करना पडे ओ था सुर्यपुत्र कर्ण 🤙💯🔥🤞💪🚩🚩🚩🚩🚩🚩💥💥💥The king of Mahabharat Karn danveer karn 🚩🚩🚩🚩🚩💥 💥💥💥💥💥
प्रभु ने कई बार कर्ण को दुरुयोधन से अलग जाने को कहा था,लेकिन मित्रतावश वो दुर्योधन ka त्याग नहीं कर पाए,बाकी जो होना होता है वह अटल सत्य है ,उसमे सुई की नोक बराबर भी कोई बदल नहीं सकता। करण को प्रणाम।
महाभारत पे न्याय करते है वो आज जिन्हे स्वयं धर्म का ज्ञान नहीं । त्रिलोकीनाथ तक को मिथ्या ठहराते है जिनके बिना ये संसार नही ।। अगर कर्ण इतने ही महान थे,इतने ही कुशल थे तो अकेले अभिमन्यु से हारते नही, और सब मिलकर कायर की तरह अकेले अभिमन्यु को मरते नहीं
@@AvSharma-hk6xp karna ko agar abhimanu ko marna hota to abhimanu ki death se ak din phle ....abhimanu ko hara diya tha or chahta to mar sakta tha lekin usne mara ni....agle din majboori mai use abhimanu ko marna pada ...kyu ki vo ni Marta to abhimanu ko Surya ast tk tadpate vo sab
Virat yudh me arjun ne karan ko bhagaya tha tab karana ka kavach bhi tha or arjun ke pass shre krishna bhi nhi the ! Arjun ke pass divyastra the jo jitna bar chahe utna use kar sakte the per karan ke pas kuch nhi halki srap tha ki jab jayda jarurat hogi to sab vidya bhul jayega or bolte ho Arjun Karan ko hara nhi sakta tha are Arjun nar narayan the unko koi hara nhi sakta tha vedvyas ji ne bhi likha hai 3rd sabse sreth dhanurdhar Arjun the. Thoda Mahabharat padhke aao yaar aise kahi bhi koi poetry bolega or man logo or fir bologe kattar Hindu or shastra ka gyan nhi (Sony Putra karan )
Karn बहुत ही दानवीर और एक सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर था ऐसे महान धनुर्धर ना कोई था ना कभी होगा ऐसे व्यक्ति को मेरा प्रमाण। लेकिन arjun भी कम नहीं था चाहता तो इस युद्ध me कोई उसके सामने टिक नहीं पता लेकिन उसने ऐसा नहीं किया उसने युद्ध me केवल 25% अपने शक्तियों का ईस्तेमाल किया था क्योंकि स्वयं महादेव ने कहा था apne se कम ताकतवर के ऊपर tum अपनी puri शक्तियों का इस्तेमाल करोगे तो ये सृष्टि खत्म हो जाएगी इसीलिए arjun ने केवल अपने 25% शक्तियों का उपयोग किया। Ye kyo nahi बताते हो तुम लोग तुम जैसे लोगों के चलते ही अपना इतिहास खतरे में pad गया है
Badhiya chutiya paida hua tha ya bad me ho gye ho kuch bhi bologe chutiya 25% use karke dhokebaazi ki aisi Jeet se to haar bhali thi jo Karn ke kiya use bejati ki jeet se ijjat ki har achi lagi aur aaj Arjun se pahle Karn ko yad kiya jata hai Kyunki Arjun kayar tha Karn veer tha
भगवान श्री कृष्ण ने युद्ध से पहले ही कर्ण को बता दिया ता कि तुम पांडवों के बडे भाई हो लेकिन कर्ण ने जो दोप्दी को वैश्या कहा था उसी कारण कर्ण ने अपने शस्त्र त्याग दिए ते ताकि धर्म की विजय हो सके !
Ham पूरी दुनिया से लड़ जाएंगे मगर मित्र कर्ण jesa चाहिए
JAI shree karn very beautiful poem❤❤❤
जिसने भी यह कविता लिखा है दिल को छु गया 😂 इतनी सच्चाई😢 भरी कविता जो महाभारत के महान पात्र को व्याख्या किया।
अब दुसरे कवीकी कवीता पढलो तो कुस ओर बोलेगा लेकीन रुषी व्यास की महा भारत पढलो तो पता चलेगा की अर्जुन ही सर्वश्रेष्ठ धनोरधर था ओर करण महा दानवीर था कयु के अपने साधारण बाणो से युद्ध जीते उसे सर्वश्रेष्ठ धनोरधर कहेते है नाकी दीवयास्रो से ओर ये योग्यता अर्जुन ओर अभीमन्यु मेथी करण मे नही
@@wbvvg कर्ण एक श्रापित जीवन जी रहा था। जो उसके गुरु के द्वारा दिया गया था, मां ने अर्जुन के लिए जीवन तो मांग लिया, इंद्र ने कवच मांग लिया तो उसके पास कुछ ऐसा दिव्य शक्ति भी नही था। लेकिन जब वह रण में गया तो उसके एक बाण के प्रहार को कृष्ण ने सारथि के रूप अर्जून के लिए रोका छल तो कर्ण के साथ हुआ था
जय श्री🪔🙏 राधे श्याम,, जय श्री🪔🙏🪔 राधेय कर्ण 🏹🏹🏹🏹🏹🌞🌞🌞🌞🌞🌞
Jo ye शब्द लिखे हैं वो तो कर्ण से महान है सादर प्रणाम
Bhagwan Karan se uncha ko hi nahin hai😢😢😢😢😢😢
writer gajab k the yar...ekdam dil ko chhuna kya ,,,par kr gye💘💘💘💘😢😢😔 ek ek bat sahi h
Bilkul sahi
Kavita likhnne wale ne kya khub likha h. Maharathi karn ka pura jivan charitr likh diye apne kavita. I like very very much this poem. 🔥🔥🔥🔥🔥❤❤❤🙏🙏🙏
इस काव्य को लिखने वाले को दिल से प्रणाम, दुनिया तो सत्य को अपनाने से घबराती हैं
Gadhe ho tum.. pehle padho adharm ka sath dene wala koi danvir nahi bas adharmi hota hai
कर्ण की दनवीरता का इतिहास गौरवशाली था, है,और हमेशा रहेगा।नमन है वीर कर्ण को
दानवीर सची बात है बाकी बेकारकी बाते है जो कवी लोगोने अपने ढंग से बनायी है सर्वश्रेष्ठ धनोरधर उसे कहेते है जो अपने साधारण बाणो से युद्ध जीते ओर ये योग्यता अर्जुन ओर अभीमन्यु मेथी करणमें नही रुषी व्यास की महा भारत मे यही लीखाहै
कर्ण की बात सबसे अलग थी... हमेशा हमारे दिल में सबसे ऊंची जगह कर्ण की थी और है और रहेंगी....
Pls refer mahabharat to clear ur doubt... then u will realise ki karna kitna neech tha
@@tejsharma9708 karn neech tha ki wo guru dronacharya aur wo jo siksha diya uske badle shrap diya wo nich the ,sirf jati ke nam pe Gyan ko prapt karna kaise dharmik ho sakta hai .
@@This_is_AJ07 achha pahle siksha lene gya tha ki sabha me aaya tha kya reason dete ho yar . karna kya kiya tha usse bat hi nhi hai bat hai system se system kya tha .
@@dharmendrakrpatel8297 teacher ki marji hoti hai vow kisko padhye....
Or karm ko choti jati ka nahi tha ...vow yodha ki jati sey belong karta hai ..orginal Mahabharata to padh lo.....
Tv serial ki bakchodi sey pagal ho jate choti jaat wale
@@raghvendersingh2760 wo teacher ki marji nhi thi wo niyam tha ki varn shankar arthat jo sudra hai unke siksha nhi dena hai ,wo bhale hi kunti putra tha pr wo unke pati ki wajah se paida nhi hua tha mtlb wo najayaj tha Hindi bhasa me isliye wo Aarya nhi hua itna faltu to system tha 😂😂😂usko kya padhna .aur chhoti jati kya hoti hai tujhe kaun bataya kaun chhoti jati hai aur kaun badi wo jo system hai use bata rha hu. ki kitni jatiy aur injustice tha phir bhi chutiye usko bhagwan manate hai .
भगवान श्री कृष्ण जैसा सारथी होने के बावजूद भी अर्जुन को अपना पुत्र खोना पड़ा था,,
धर्म के लिए बलिदान की कोई सीमा नही,,
#जयश्रीराम❤
th-cam.com/video/K-AN072pH84/w-d-xo.html
Kahe ka dharm aaj itni gaye Kat rahi h ,kha h krishna
🕉️💯
@@gameszone4642 har kaam bhagwan khud nhi karta kux kaam hum jese shaitano ke liye bhi chhod deta hai 😅
Or Karan ne apna sab kuch khodiya tha Bhai mere
धर्म की रक्षा तुम करते हो।
तुम मेरे कान्हा श्याम हुए।। 🙏🙏🙏
❤️❤️
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Arjun ke guru ke guru se शिक्षा लियी थि उसने उसे कोई कैसे हरा सखता कोई भी jisake pas Vijay धण्युष्य ho Uspar kaise koi Vijay प्राप्त कर सखता था कोई भी जीसको हराणे स्वयंम भगवान को भी छल करना पडे ओ था सुर्यपुत्र कर्ण 🤙💯🔥🤞💪🚩🚩🚩🚩🚩🚩💥💥💥The king of Mahabharat Karn danveer karn 🚩🚩🚩🚩🚩💥 💥💥💥💥💥
@@a.kgaming8705paap kaa sath dene wala karn... jo dharm kaa sath nhi de.. esaa yodhaa hamara aadrdh nhi ho sakta
@@ghanubhadu paap to krishan ne vi kiya tha
1 jaraasandh ko chal se marvaya
2 Guru dron ko chal se marvaya krishn ne hi guru dron se bola tha ki tumhara putra aswathama mara gya
3 karn jese mahan yoddha jb nihattha tha tb us pr prahaar krvaya
Bahut khoob ....really amazing 😍😍 and rytt lines..karna is my favourite in Mahabharat Katha ....💗💗
ये पंक्तिया दिल को छू गयीं🎉🎉❤
एकलव्य the Great योद्धा
व्यक्ति कुछ भी गलत नहीं करता , वो वही करता है जो परिस्थितियाँ करवाती हैं.
th-cam.com/video/K-AN072pH84/w-d-xo.html
Viprit paristhitiyo m hi Insan ki pahchan Hoti h ki vo galat h ya sahi h
@@BHIMASTRAtheeducation besak par majbooriya naam ki bhii koi cheez hoti hai
galat ke liye Paristhiti kabhi bhi jimmedar nahi hoti ye sab kayro ki boli mai pasand nahi karata
@@logicalthings3411 yadi aap ko apne maa ki liye adharm karna pade to kya adhram nahi karoge
Aap k samne aasi परिस्थिति आए तो
Its universal truth that if you have so much power but u stand with the wrong people eventually you will loose the battle.
This is true but bro if your family not give u respect your own brother call you soot and your friend give you respect so you always be in your friend side not in that brothers side who always disrespect u
@Important Short ube jhatu k Bche Mahabharata pdke aa🤣pogo dekhke ni Karna k pita ji rath chlate th to Kshatriya kaise hue mtlb jhatu kuch b bolega rhi baat ldki apmaan kre to thik ldka kre to bura hi maante kis disrespect ki baat krra patni daav m hi ni lgate tere pandav to koi bolta hi nhi kuch or daan ki baat krra mahadaani tha Karna guru se jhoot bolna pda kyuki wo Kshatriya nhi tha book pdke aa phle phir comment kr serial k chode
भाई दिल चीर के रख दिया यार..
👍🏼👍🏼👍🏼👍🏼
This is tha world best bar bar sunne ka MN ho rha h bhai ek nub yaar bhagwan kre tum bhut aage tk jaaoge
बहुत सुंदर प्रस्तुति कविवर साधुबाद
Nice ...line
Ye sun kar Aakho mein paani aa agya
Coming Goosebumps after every para 🥺 such a great warrior 💥
Specially last "are ranbhoomi me chal krte ho tum kese bhagwan hue"
@@nishatiwari6889 Ran bhumi mey chal kartey hai 🤣
Abey chal ka jawab chal hi hota h aur dushman ko uskey hi तरीके से जीता जाता है , हिंदू को yeah samaj nahi aaya tabhi tho Mughal raaj ker sakey aur angrej aur phir Cong , Thodi si bhi bhagwat Geeta padi hoti tho molana ki bhasha na bol rahey होते यहां 🤣🤣
@@nidhib2545 chal toh pehle krishna ne shuru kiya tha mahabharat mein bhishm aur guru drona ke saath.
जी इसमें कोई दो राय नही है की कर्ण एक महान योध्दा था 🙏
लेकिन इससे पता चलता है की आपके पास कितना भी शौर्य, पराक्रम क्यों न हो लेकिन अगर आपमें उचित पक्ष मे नही हो तो निश्चित ही आपकी पराजय तय है।
दूसरी तरफ अर्जुन मे कम पराक्रम होते हुए भी गुरु और कृष्ण के प्रति अपार निष्ठा थी।
इसलिए उनकी जीत हुई 🙏
Kaun kaha ki arjum me karn se kam parakram tha,,, jara mahabharat text me kerat parv open karo usme bhagwan shiv Arjun k parakram ki tulna swaym k bal se karte hue dikhenge..... Jiski tulna mahadev apne aap se krte hain kya usse sresth karn ho skta hai??? Serial me dekha hoga aapne..... Maaniye jo maanna hai apni apni shraddha hai,,, koi serial ko maanta hai koi ved vyas jii ki mahabharat text ko.....
Jb etne hi sresth the to nihthe karn pe ashtr nhi chalate
@@iarj_004abhi4 Agar Arjun itna hi sheresth tha toh cheating se kyun mara karna ko??? Waise hi mar sakta tha. Agar ushne cheating se mara toh socho Karna Kitna bada parakrami tha Arjun se
बेहतरीन रचना, साधुवाद।
अति सुंदर अतिसुंदर कविराज अति सुंदर विजय धारी अजय कर्ण की जय हो सूर्यपुत्र कर्ण की जय हो दानवीर अंगराज कर्ण की जय हो🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏
47
अधर्म को मूक बनकर
जो सिर्फ निहारे जाते हैं
भीष्म हो द्रोण हो या कर्ण हो
सब मारे जाते हैं✌️
Karan ko pahchan jara
@@VivekSingh-ml9dc kya pehchanana h bta?
@@manojrisamiya9445 dear , karan was really a brave warrior
@@VivekSingh-ml9dc घंटा।
@@VivekSingh-ml9dc अकेले निहत्थे अभिमन्यु पर टूट पड़े तब कहां गया धर्म जब भीलों ने दुर्योधन को बंदी बना लिया तब कहाँ था कर्ण जब भीम और अर्जुन ने बचाया
I don’t know how many times I play this 🤔.
I’m just listening and listening again and again ❤️
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@asheeshmishra5392 Mishra ji apki jankari ke Liye hamesha shudra ya rakshas jati walk ke Sath hi Krishna anyway kare h Karn aur veer barbarik ko Dekho. Phir bhi Kami thi to Krishna ke Liye dharma ki parbhasha h Apni patni ko jua me lagane wale dharmaraj ho Jate h😡
@Important Short Apke Liye Vishnu honge but mere Liye mahakal hi sabse bade h🙏🙏
@Important Short shamshan ko samjhne ke Liye koi shastra ko padhne ki jaroorat ni h aur Apne shayad shivmahapuran ni padha h
@Important Short Mai paap kar Raha hu to Vishnu Mera Sath demge Haina. Jaise unohne pandavo ka Sath diya jinohne apni patni ko jua me lagaya tha
गाथा सुनाता हूं उस वीर की
शत्रु जिसके बाणों से कराहते थे,
केवल कृष्ण की ना बात करो
स्वयं शिव उसे सराहते थे।
करूणा से भरा हृदय था जिसका
न तनिक भी मन में स्वार्थ था,
तीनो लोक में प्रशंसा पाने वाला
मेरे माधव का वो पार्थ था
रावण इंद्र थे पराजित जिनसे
3 करोड़ निवात कवचों पर अकेला ही वो भारी था,
अरे शिव को अपने धनुष से खींचने वाला
वो मेरा गांडीवधारी था।
योद्धा तो थे श्रेष्ठ बहुत
पर मैं क्यों अर्जुन अर्जुन गाता हूं,
महाभारत के उस महासमर से
चौदहवें दिन का वृतांत सुनाता हूं।
अभिमन्यु की निर्मम हत्या से
अर्जुन की भीषण हुंकार हुई,
सूर्यास्त कल का नहीं देखेगा जयद्रथ
गांडीव की भयंकर टंकार हुई।
अर्जुन की प्रतिज्ञा से
धरती उस दिन कांप गई,
रणभूमि में होने वाले तांडव को
कुरु सेना थी भांप गई।
रूद्र तांडव जैसा उस दिन
युद्ध बड़ा ही क्रूर था,
श्रेष्ठ योद्धा होने का उस दिन
कईयों का वहम भी दूर था।
कौरव योद्धा लगे विचारने
कैसा भयंकर क्षण होगा,
जब अर्जुन उतरेगा रणभूमि में
जीवन नहीं मरण होगा।
अब सुनो कैसा भीषण रक्तपात हुआ
अगले दिन जब शंखनाद हुआ,
कुरुओं के भाग्य थे फूट पड़े
अर्जुन और सात्यकी उन पर टूट पड़े
घोर गर्जना करता अर्जुन
भयभीत सृष्टि का खंड खंड था,
कुरु योद्धाओं में हाहाकार मची थी
वेग पार्थ का ऐसा प्रचंड था।
धर्मराज की रक्षा हेतु
सात्यकी को पड़ा वापस जाना था,
पार्थ के उस रौद्र रूप से मुश्किल फिर भी
जयद्रथ का बच पाना था।
सभी व्यूह ध्वस्त होते जाते थे
पंचतत्व भी जयगान अर्जुन का ही तो गाते थे,
चक्रसप्तसूची व्यूह भी असफल से हो जाते हैं
जब क्रुद्ध होकर नर नारायण युद्ध भूमि में आते हैं।
जब दो प्रहर के युद्ध के कारण,
अश्व नहीं चल पाए थे,
तब सब्यसाची युद्ध करने
उतर धरा पर आए थे।
रथ विहीन पार्थ देखकर
हर महारथी उससे लड़ने आया था,
बिना रथ के भी उस दिन कोई
ना पार्थ को जीत पाया था।
सभी एक साथ मिलकर भी ना
धनंजय को जीत पाए थे,
यूं ही नहीं शांति सभा में परशुराम ने
जयगान अर्जुन के गाए थे।
रथविहीन होकर भी पार्थ
सभी महारथियों पर भारी था,
अरे गौर से सुन लो कथा ये बंधु
कैसा मेरा गांडीवधारी था।
अब आगे का वृतांत सुनाता हूं
जब दुर्योधन पार्थ समक्ष आया था,
गुरु द्रोण ने रक्षा हेतु
ब्रह्म कवच पहनाया था।
फिर अब अर्जुन अपने अग्रज से बोले
व्यर्थ में ही आज प्राण अपने गंवाओगे,
ये द्यूत नहीं है समरांगण है
मेरे हाथों मारे जाओगे।
ब्रह्म कवच जैसे संकट को भी
जिष्णु ने फिर टाला था,
अपने तीव्र बाणों से उसने
खुद के अग्रज को बींध डाला था।
फिर दुर्योधन संग अश्वत्थामा
वृषसेन शल्य और भूरिश्रवा आए,
पार्थ संग युद्ध करने हेतु
कृपाचार्य और कर्ण को भी थे वो लाए।
सभी मिलकर भी ना जीत सके फाल्गुन को
फिर दुशासन और सिंधु राज जुड़े,
पर गांडीव का प्रचंड वेग देखकर
हर योद्धा के थे होश उड़े।
सब ने मिलकर कुछ हद तक
किया कृष्णार्जुन को घायल था,
अरे समरांगण नहीं सृष्टि का कण-कण
मेरे पार्थ का उस दिन कायल था।
अंगराज को जब रथ विहीन किया तो
अश्वत्थामा को आना पड़ा,
परास्त होकर जिष्णु से अंगराज को
अश्वत्थामा संग रणभूमि से जाना पड़ा।
सूर्य ढलने को आया था
पर पार्थ का शौर्य अभी भी जारी था,
अरे 8 महारथी जिससे डरकर भागे जिससे
वो मेरा गांडीवधारी था।
अर्जुन गिराने लगे ज्यों शीश सिंधु राज का
माधव बोले पार्थ तनिक विचार करो,
व्यर्थ अपना बलिदान देकर
ना पांडव सेना को लाचार करो।
ज्यों धरा पर गिरा शीश सिंधुराज का
अनर्थ प्रचंड हो जाएगा,
वृद्धक्षत्र के वरदान के कारण
तुम्हारा मस्तक खंड खंड हो जाएगा।
तब विभत्सु ने क्रोध में आकर
समस्त रण क्षेत्र को हिला दिया,
और जयद्रथ का शीश उन्होंने
पिता वृद्धक्षत्र की गोद में था गिरा दिया।
अब पूछता हूं उन योद्धाओं से
जिन्होंने खुद को पार्थ से श्रेष्ठ बताया था,
क्यों अर्जुन के भय के कारण तुमने
सिंधुराज को छुपाया था।
अरे श्रेष्ठ होते तो जाकर सीधे
पार्थ की छाती पर तन जाते तुम,
योद्धाओं की भांति युद्ध को करते
ना सिंधुराज को छुपाते तुम।
अरे धर्म की खातिर लड़ा सदा ही
ना श्रेष्ठ कभी खुद को बताता था,
युद्ध कौशल को देख स्वयं इंद्र जिसके आगे
नतमस्तक हो जाता था।
हर धर्म परायण व्यक्ति जिसका
सदा ही आभारी था,
अरे योद्धाओं में सबसे उच्च
वो मेरा गांडीवधारी था, वो मेरा गांडिवधारी था।
@@preetmann6143 तू मूर्ख है सत्य का साथ देने वालो को अंधभक्त कहता है।
एक ही हो तो दिल है कितनी बार जीतोगे।
कर्ण निश्चय ही आप महान योद्धा थे। परन्तु आपने अधर्म का साथ दिया। आपकी हार निश्चित थी। अधर्म कैसे विजय हो सकता है। जय श्री कृष्णा ❤️❤️❤️
Kriahan ने छल किया इसलिए मरा करण
@@parmodbhola8811Abhimanyu के साथ क्या छल नही किया था करण ने।
@@parmodbhola8811lekin mara na
@@parmodbhola8811krishna ne nyay kiya tha
Karn ne adharm ka sath diya tha ...vo apne us Mitra ko bcha rha tha Jo apne bhabhi ko nirvashtra krke apni jangha pr bithane ki.bat krta hai
Karn bhi janta tha vo galat hai uska yahi anjam hoga
Isi liye usne krishna se
Mna Kiya tha ki
yudishthir ko Mt btana ki n
Mai uska bda bhai hu nhi to vo Sara rajpath mere charno mai rakh dega or mai apne Mitra duryodhan ko de dunga
Besak karn Danvir tha lekin kitna bhi dan kro karmo ka fal milega
Krishna hmesha dharm ke sath rhe hai
Rhythm of the poetry is too GOOD. Speechless...
and the words are also true..
*MAHABHARAT* ko smjhne k liye Duniya se thoda alag sochna padta h.
क्योंकि तुम अधर्म के साथ थे काश तुम धर्म के साथ होते तुमने बस मित्रता निभाई तुम्हारा मित्र भी अधर्मी था और तुम भी अधर्मी हो
@@yadavsmajwadi2000 likhne se pehle thpda dhyan se read kro
kya likha hain maine...
Jab karan ne arjun ko challenge kiya tha tab sabne SOOT putra/ non religion ka bata kr fight nhi krne di thi and uske baad duryodhan ne usko apne anga desh ka raja banaya tha..
Tab usko Duryodhan ka sath dene ki ksam khayi thii...
To kripya dharan-adharm ka gyan na de hume
@@KuldeepSingh-ix3ku कसम निभाने का ये मतलब नहीं कि आप किसी की जी हुजूरी करे करण विद्यावान था?? हा, तो उसे नहीं मालूम था कि सच्चा मित्र अपने मित्र के हित में कार्य करता है उसके भले की सलाह देता है ये नहीं की शक्ति के अभिमान में उसकी बुराई में भी साथ दे
दूसरी बात आप लोग ये क्यों नहीं समझते हमारे सनातन धर्म में फूट डालने का प्रयास आदि अनंत काल से होता रहा है और आज भी ये चल रहा है.. कभी किसी मुस्लिम को किसी ईसाई को अपने धर्म के बारे में बुरा बोलते सुना??? जबकि मोहम्मद साहब की व्यक्तिगत जीवन शैली का पता करिए,, कही से भी वो सभ्य व्यक्ति नहीं मिलेंगे,, आपस में लड़ते रहो यही चाहते हैं कुछ लोग आज हिंदू के खिलाफ कितनी शाजिशे हो रही हैं ये किसी से नहीं छुपा है न्यूज के जरिए देख सुन सकते है हम सब फिर भी आपस में लड़ रहे हैं,, बाकी आप समझदार हैं 🙏🙏🙏
पड़े न शास्त्र कभी ,,थूकेंगे ये चाँद पर दूर से
कहैगे श्री कृष्ण अर्जुन को गलत सीख कर महाभारत ,,ऐकता कपूर से ,,
जय श्री कृष्णा🙏🙏 जय अहिराना👑🚩❤️
बिल्कुल सही कहा
अगर महाभारत शस्त्र पढ़ा होता तो आज ये सब श्री कृष्ण और अर्जुन के बारे में glt नही बोलते
महाभारत के नायक- अर्जुन होगा किन्तु महानायक - कर्ण ही रहेगा। nice poem 👌👌
Han nayak arjun hai aur mahanayak shri krishna hai ...... Jo istri ka apmaan kare, jo saman aur rajya pane ke liya adharm ka sath de jo 16saal ke balak ko chal se mare wo mahanayak kese ho sakta hai.... Mana ki unke sath galat hua per nayak to wahi jo jiske sath galat hone per bhi wo kisi ke sath galat na kare nahi sath de aur nhi hone de....
@@adventureszindagi891 Bachpana hai tumma Bohot....
@@anant879 agar bade hone ka matlab bura banane hai apna matlab nikal kar use befkoof samajhna hai nich aur gire hue vichaar ko sahi samajh aur use per hamesha chalna then it's ok i am happy with thoughts even mai kisi matlab se kisi bhala nahi sochti aur koi mujhe bura bol raha to mai uski situation samjhti hun but i don't know bina mile apne mujhe ek comment padkar kese judge kar liye well I don't care mai woi comment karti hun jo mujhe sahi lagta hai
भाई ना कोई नायक
न कोई महानायक
ये तो भगवान श्रीकृष्ण ने हम मनुष्य देवताओं
को ज्ञान दिया
Tum aapni alag hi Mahabharat chla rhe ho
Satya ko achchhi prastuti.
कितना भी पावरफुल, योग्य, विद्वान हो संगति अधर्म की होगी शीश तो गिरेगा ही, चाहे बाह्रमण पुत्र हो या सूर्य पुत्र
Once lord Krishna said
अरे अर्जुन धर्म के संस्थापना के लिए हमने क्या कुछ नहीं किया
परन्तु कलयुग में मनुष्य सबकुछ
भूल जाएगा तुम्हें अधर्मी और मुझे
छलिया बुलाएगा न पढ़ा होगा एक ग्रंथ भी लेकिन अपने आप को विद्वान बताएंगे किन्तु न तुम
गाण्डीव न मैं सुदर्शन उठाऊंगा अरे
पालनकर्ता हूं उसे अपमान को भी हंसते हंसते सह जाऊंगा
Om Namo Vasudev Namah 🙏🙏
💯💯💯💯 Bs ek karn ko arjun se bada sabit krne k liye aaj kl log shri krishna ko bhi galat sabit kr rahe hai. 😞😞😞
Bahut dukh hota he ..jab Prabhu Krishna ko koi samajta nhi
Ese murkh logo ki bajah se hi Mahabharata huwa tha ..fark saaf he ye log aaj bhi Karn or duryodhan ka sath denge or hum Prabhu ka
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@atulshrivastava8390 युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@asheeshmishra5392 bhai mera comment achee se padho. Im totally agree with you
मित्र हो तो कर्ण जैसा ❤️🙏🙏
Arjun aur karn ek hi maa k pitra , ek jaise hi shurveer the. Lucky'aur unlucky hone ka fark hai. Karn ka Mitra duryodhana tha aur Arjun k saath Krishna the. Un k mitro ne hi unki kismat banai Jeet / haar
@@pratibharamachandran8737 😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊 very nice kavita
जहा कृष्ण वहा विजय " ईश्वर के सामने क्या कर्ण,भीष्म,द्रोण सब शुन्य थे ।
अच्छे-अच्छे योद्धाओं को भगवान कृष्ण/विष्णु ने संहार कर दिया ।
Bhut सुन्दर kavita❤️👍
अतिसुन्दर सत्य वचन
अति सुंदर अतिसुंदर कविराज अति सुंदर विजय धारी अजय कर्ण की जय हो सूर्यपुत्र कर्ण की जय हो दानवीर अंगराज कर्ण की जय हो🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏
th-cam.com/video/K-AN072pH84/w-d-xo.html
Qqqqq
फाल्गुन, जिष्णु, सव्यसाची, धनंजय, जय, अजय,गांडीवधारी,इद्रीयजयी,पार्थ, महाबाहु,
Kk
000pp0p000
जय हो भारत भूमि,,जहा ऐसे शूरवीर दानवीर महारथी कर्ण हुए।।
Karn the greatest ever as said by parashuram.....rhe second perfect warrior after mahadev
Kavita ka yeh roop pehli baar suna , so nice.
Kya baat hai dil ki baat shayari me keh diya hats off to you brother 🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡🫡 kaarna was the great and the greatest warrior in the universe no one can't take his place in entire universe
कृष्ण से बड़ा कोई नहीं हो पाया और ना ही जो पाएगा jsk 🙏🙏
to Krishna ne dronacharya ko saja Diya jo jati ko dekh ke siksha deta tha .
@@dharmendrakrpatel8297 bhai mere kb jati ko dekh k shiksha di dronacharyaji ne
@@__bhavyansh jake mahabharat dekho eklavya aur karn ko siksha sudra hone ki wajah se nahi mili ..
@@dharmendrakrpatel8297 acha pka sure ho tum k iss reason se nhi di
@@__bhavyansh bhai aur tumhe kaun sa reason lagta hai bata do eklavya aur karn ko siksha ,kya us samay bhi jatiwad tha ,ya nhi ,kya sudro ko padhne ka adhikar tha ya phir women ko ,even women ko bhi padhne ka adhikar nhi tha .
जय यदुनंदन जय रघुनंदन
जय श्री कृष्ण जय श्री राम🚩🚩⚔
कर्ण पर कविता लिखने के liye आपके आत्मवल ko salute
एक डायमंड की कीमत हर कोई नहीं जान सकता उसे एक सुनार ही पहचान सकता है वैसे ही अर्जुन को हर कोई नहीं जान सकता उसे वही जान सकता है जिसने वास्तविक महाभारत पढ़ी हो
अर्जुन का महत्व दर्शाने के लिए महाभारत का पहला श्लोक ही पर्याप्त है
नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्।
देवीं सरस्वतीं चैव ततो जयमुदीरयेत्।।
अंतर्यामी नारायणरूप भगवान श्रीकृष्ण, उनके सखा नर रत्न अर्जुन, उनकी लीला प्रकट करने वाली देवी सरस्वती और उनके वक्ता भगवान व्यास को नमस्कार करके आसुरी संपत्तियों का नाश करके अंत:करण पर विजय प्राप्त कराने वाले महाभारत का पाठ करना चाहिए।
Bahut behtareen kavita hai...
दो पल जो तुम रुक जाते तो अपना शौर्य दिखा देता,2
मुरली वाले के सम्मुख अर्जुन का शीश गिरा देता!2
दादा परशुराम शिष्य दानवीर कर्ण❤
Beta karodo karan bhi aa jaye to arjun ka baal nhi ukhaad skte jab tak Krishna bhagwan saath khade hai arjun ke saath. Agar itni si baat us mand buddhi ke samajh aa jata to sayad bach jata.
@rak303 kyuki mental , usne kaam hi aise kiye the, usne duryodhan ke har chhal me uska saath diya, abhimanyu jo uska bhatija tha use bhi chhal se mara. Bhagwan jo jaisa kaam krta hai use waisa hi dand dete hai. Wahi krishna ram banke aaye the to maryada me lade the kuki tab chhal kapat itna nhi tha. Jo korav khud chhal krke pandavo se sara yash chheen ke le gye the unke saath to aisa hona hi tha. Yahi karam siddhant hai jo jaisa krega wo waisa bharega. Karn ne sab jante hue bhi ki duryodhan durachari hai, chhal kapati hai, apne hit ke liye uska saath diya, jbki wo yeh bhi janta tha ki arjun uska bhai hai fir bhi wo lada wahi dusri aur arjun karavo ko apna taya bhai smjh ke hathiyaar nhi utha pa rha tha, isliye Bhagwan Krishna ne dharam ka saath diya aur dharam hamesha jitta hai
@@xyzak1728 karan kaunsa adharm kar diya aur pandvo ne kaunsa dharm kar diya. Apni biwi ko dav pe lagane wala dharmraj ban gaya.. Wah wah kya baat hai. Arjun aur draupadi pandvo mein had se jyada ghamandi the.
@@xyzak1728 rahi baat krishna ki toh mujhe yeh bata ki krishna ne apni bua ki beti se shadi kaise kar li? Yeh toh bhai behen ka rishta ho gaya. Aur dusri baat shubadra ki shadi Arjun se kaise karwa di. Yeh bhi bhai behen ka rishta ho gaya.
@@xyzak1728 tu abhimanyu ki baat kar raha hai toh mandbuddhi usse pehle bhishm aur guru drona kw saath kya kiya tha krishna ne?
Very nice,want to listen many times.
🔥🔥🔥🔥🔥 it gave me. Goosebumps
युद्ध में सभी चीजें जायज होती है जब करण ने सातों के साथ मिलकर निहत्थे अभिमन्यु परएक साथ वार किया जो युद्ध के नियमों के खिलाफ था तब इसकी कहां सच्चाई चली गई थी
@@asheeshmishra5392fir aa gaya uchalne.. 😂
Wha gjb super sayeri
Bahut sandhar
Sir, heart touched poetry ❤️
ना सूत होना पाप है ना दान देना पाप था । मुस्कुरा के नग्न द्रौपदी को देख वैश्या कहना श्राप था ।
कौन सी दुहाई ले के आज तुम आए हो, मारा जब अभिमन्यु को अधर्मियों ने घेर कर उन अधर्मियों में कर्ण भी एक था। भागी था अब कुकर्म का जान कर भी की अधर्म है।
अमर हुआ इसलिए क्युकी दान देना धर्म था।🙏❤️✨
Karna draupadi ko vaishya kehta tha kiu ki uske 5 pati the kya glt kehta tha tumhara 5 pati rhe 5 k saath sone jaogi toh sbse pehle tumhare pati hi tumhe rundi keh denge aur karna k baap ko pandav kutta bulaya krte the aur jis guru se ye kala kaushal seekha tha usne sba gyaan waps cheen liya tha ye bol kr ki tum brhaman nhi ho aur shrap diya frse ye jiske saath khada tha kbhi wo v Karna k saath khada hua tha aur karna se forever frndship ka wachan liya
@@saifsiddique1339अच्छा और एक औरत अलग अलग शौहर बना सकती है जो आदमी चार बीवी रखे वो क्या फिर
Hariom sir great h
Tan man pura hila diya 🙏🙏
Bahut bahut ....lazwab sir
दिनकर जी ने कर्ण की महिमा का अतिशयोक्ति पूर्ण वर्णन किया है निः संदेह कर्ण एक अच्छा योद्धा था लेकीन मेरा मानना है कि अर्जुन उससे श्रेष्ठ था
दोनों के बीच 4 बार युद्ध हुआ जिसमें 3 बार अर्जुन जीता और एक बार कर्ण
विराट युद्ध में तो श्री कृष्ण अर्जुन के साथ नहीं था फिर भी अर्जुन जीता था
मुझे महाभारत में कर्ण का चरित्र बेहद पसंद है।
जय श्री कृष्णा
Karan ko pasand karte ho or Krishn jay bol re ho
@@kishansalvi9138 tere naam me bhi kishan h🤣🤣🤣
"तु तो तेरे वचण से बंधा हुआ था" , "तु तो तेरे वचण से बंधा हुआ था" , घात तो खुद तिनो लोगो के भगवान ने किया था, नहि तो इनोमे क्या दम था. तुझे हरा सके ,क्योंकि खुद भगवान को भी पता था.तुझे हराणा इनके बस का कहा था . ❤️❤️🚩
Indradev bhagwan ne v chhal kya tha
Sabse pahle Chhal Dhritrashtr ne apne Chhote Bhai Pandu ko marwa ke kara tha.
@@timesnationalpandu khud mara tha.. Usse kisi ne nahi marwaya.
कर्ण😘💖
जय श्री कृष्णा 🙏🏻
Abe tumara chutiya kata hai ekta kapoor ne...
Karn to adharmi tha , ahankari tha..
O to bhla arjun or madhav ka ki unhone use asali dharm batlaya or mrutyu di...
Asali Mahayodha to Arjun tha
Swayam baghvan shiv aye the dharati pr uske liye...
Ghnta krishna chhal kr k kisko mar diya 😧
@@mp66rider33 Unhone kya chhal kiya
Ye ki karn ka kundal kawach dhokhe s chhin liya aur to aur arjun to ghmand m rhta tha fir v uska sath diya aise bhut s hai jo batne ko baithunga to din nikl jayega
@@mp66rider33 kavach kundal chhinne me shrikrishna ka ek takka bhi hath nhi tha aur unhone duryodhan aur arjun ko jo vachan diya tha ki use narayani sena denge aur arjun ka sarathi bnenge ye vachan nibhaya, aur kya kya hai?
बहुत ही सुंदर कविता है। रोंगटे खड़े हो गए
दो पल और रूक जाते जो तुम 👍😍🥰👌👌👌👌👌
Real Legend writter ✍️✌️ ..
Bhagwan hmesa dharm k sath h
Jo sahi hota h uski raksha hmesa bhagwan hi krte h🙏🙏
Dharmo Rakshti Rakshit.. acha lga koi to h is kalyug mai jo dharm ka mtlv smjh raha hai . Nahi to sbhi karn ko dharmi or Krishan ko adhrmi bta rhe hai.. geeta pdhne se phle arjun ko prnaam kiya jata hai or log usi arjun ko adhrmi bta rhe hai
Sarvshresth to arjun hi tha🏹🏹
Jai shree krishna ❤❤
Karna tha par serials mein hahahaha
Tera papa karn tha best
Bhai nihathe pr ban chalane wala kese sarvshresht hai ...💯 akhri mein per ti karna ke pad gya arjun ❤️
Koi shaq nahi esa koi yudha nahi tha jo arjun se hara na ho🏹
Arjun ke guru ke guru se शिक्षा लियी थि उसने उसे कोई कैसे हरा सखता कोई भी jisake pas Vijay धण्युष्य ho Uspar kaise koi Vijay प्राप्त कर सखता था कोई भी जीसको हराणे स्वयंम भगवान को भी छल करना पडे ओ था सुर्यपुत्र कर्ण 🤙💯🔥🤞💪🚩🚩🚩🚩🚩🚩💥💥💥The king of Mahabharat Karn danveer karn 🚩🚩🚩🚩🚩💥 💥💥💥💥💥
ATI Sundar Kavita
aapne dil jit liya ❤❤
प्रभु ने कई बार कर्ण को दुरुयोधन से अलग जाने को कहा था,लेकिन मित्रतावश वो दुर्योधन ka त्याग नहीं कर पाए,बाकी जो होना होता है वह अटल सत्य है ,उसमे सुई की नोक
बराबर भी कोई बदल नहीं सकता।
करण को प्रणाम।
ये दुनिया बहुत madarchod hai
Phir jaisi भिविषण ki insult hoti vaisi karti
महाभारत पे न्याय करते है वो आज
जिन्हे स्वयं धर्म का ज्ञान नहीं ।
त्रिलोकीनाथ तक को मिथ्या ठहराते है
जिनके बिना ये संसार नही ।।
अगर कर्ण इतने ही महान थे,इतने ही कुशल थे तो अकेले अभिमन्यु से हारते नही,
और सब मिलकर कायर की तरह अकेले अभिमन्यु को मरते नहीं
10 साल बाद संसार का रचियता =karn ,
संसार का पालनहार =दुर्योधन
संसार का संहारक = शकुनी
ye adhyay bhi sunneko मिलेगा
Sab kuch fake hai
Bhai epic ❤️🤣🔥
Sahi bole bhai aaj kal Sony Putra karan bahut famous hogya hai 🤣🤣
Yeh dharm adharm ki ladai thi hi nahi. Dono taraaf se galtiya thi.
Bahut sundar kabita h bhai
Main ishe har roj sunta ho ❤ Karn 🔥
जिसके साथ भगवान जैसा सारथी हो उसे कोई नहीं जीत सकता
छल तब भी करना पड़ा
Bhai dani karn se jitna bina chhal ke teeno lok ke swami ko bhi chhal karna pda ek baar nhi bar bar isliye arjun jeete nhi jitaye gye h
@@AnandKumar-wx3xc itni kathorta sahi nahi wo ek side h dusra side bhi dekh sakte ho aap
@@AnandKumar-wx3xc
Syd Abhimanyu ko bhul gye tum dost
@@AvSharma-hk6xp karna ko agar abhimanu ko marna hota to abhimanu ki death se ak din phle ....abhimanu ko hara diya tha or chahta to mar sakta tha lekin usne mara ni....agle din majboori mai use abhimanu ko marna pada ...kyu ki vo ni Marta to abhimanu ko Surya ast tk tadpate vo sab
Awesome poem .Danveer karna jaisa yoddha na koi hua hai or na hi kabhi hoga.
Virat yudh me arjun ne karan ko bhagaya tha tab karana ka kavach bhi tha or arjun ke pass shre krishna bhi nhi the ! Arjun ke pass divyastra the jo jitna bar chahe utna use kar sakte the per karan ke pas kuch nhi halki srap tha ki jab jayda jarurat hogi to sab vidya bhul jayega or bolte ho Arjun Karan ko hara nhi sakta tha are Arjun nar narayan the unko koi hara nhi sakta tha vedvyas ji ne bhi likha hai 3rd sabse sreth dhanurdhar Arjun the. Thoda Mahabharat padhke aao yaar aise kahi bhi koi poetry bolega or man logo or fir bologe kattar Hindu or shastra ka gyan nhi (Sony Putra karan )
Masterpiece❤🔥👍
Aapne jis tarha se sabdo ka chayan kiya unko ek Ragni ya ek mala m piroya uske liy aapki tarif karne k liy mere pas sabad nahi h
Aapko Naman🙏🙏🙏🙏
Ise sunker to aasu aagye
दानवीर तू धर्मवीर तू ,तू सम्बल आरत का जो ना कभी बुज सकता बह दीप महाभारत का
जय हो karan की
So proud
Karan a great fighter
Beautiful ❤️❤️❤️❤️😘😘😘😘
गजब 👌👌
Kya laay hai kya tuk hai 🎉🎉🎉😊😊
Touched my heart ❤️❤️
I've listened to it more than a thousand times and whenever I listened to it it makes me more confident that fck lck and be skilled
no words to say🤐💖🌹
Dum hai Bhai aapki aavaj m Dil jeet liya
Salute to poet 🙏🏽🙏🏽
Karn बहुत ही दानवीर और एक सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर था ऐसे महान धनुर्धर ना कोई था ना कभी होगा ऐसे व्यक्ति को मेरा प्रमाण।
लेकिन arjun भी कम नहीं था चाहता तो इस युद्ध me कोई उसके सामने टिक नहीं पता लेकिन उसने ऐसा नहीं किया उसने युद्ध me केवल 25% अपने शक्तियों का ईस्तेमाल किया था क्योंकि स्वयं महादेव ने कहा था apne se कम ताकतवर के ऊपर tum अपनी puri शक्तियों का इस्तेमाल करोगे तो ये सृष्टि खत्म हो जाएगी इसीलिए arjun ने केवल अपने 25% शक्तियों का उपयोग किया।
Ye kyo nahi बताते हो तुम लोग
तुम जैसे लोगों के चलते ही अपना इतिहास खतरे में pad गया है
Badhiya chutiya paida hua tha ya bad me ho gye ho kuch bhi bologe chutiya 25% use karke dhokebaazi ki aisi Jeet se to haar bhali thi jo Karn ke kiya use bejati ki jeet se ijjat ki har achi lagi aur aaj Arjun se pahle Karn ko yad kiya jata hai
Kyunki Arjun kayar tha Karn veer tha
Bilkul sahi kaha bhai ye baato hi baato mein krisan ji ko galat bata raha h krisan ji galat toh Gita ka gyan bhi galat
@@preetmann6143 Mahabharata me to 18% bataya gya h 🤦
Kudh to pada nhi h sirf dusre ko bol rhe ho
@@preetmann6143 भाई साहब! आप ये सीरियल से देखना बंद कर दे और अगर महाभारत के बारे में जानना ही है तो आप किताब में पढ़े
Right bro👍👍👍 👍
थोड़ा सा छल पृथ्वीराज चौहान कर लेते तो इतिहास कुछ और होता
Sahi kaha
Pirtibiraj chouhan ki bjah se aaj hindustan me muslim he ager chouhan ji mohhmad gori ko jivandan na diya hota to aaj bharat kuch or hi hota
बादशाह तैमूर याद है
की भूल गये
बादशाह अकबर की जगह हम होते
सही मे आज भारत कुछ और हि होता
@@ibcbydoctorvivekbindra9196 उस समय तुगलाक़ो राज था राजपूतो का नही
Thanku for masterpiece sir❤️
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Really connected with real life , there is always a second side of every story.
Wahhh waahh kya likhaa hai ❤️
भगवान वासुदेव श्री कृष्ण की जय हो❤🚩🚩⚔🔱🙏
Sahi Baat hai
Karan is the great Jai ho suryaputra ki jaiho
भगवान श्री कृष्ण ने युद्ध से पहले ही कर्ण को बता दिया ता कि तुम पांडवों के बडे भाई हो लेकिन कर्ण ने जो दोप्दी को वैश्या कहा था उसी कारण कर्ण ने अपने शस्त्र त्याग दिए ते ताकि धर्म की विजय हो सके !
So Sweet bht acha likha haà ❤️❤️❤️🙏🏻🙏🏻🙏🏻
घंटा